स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति मुर्मू के संबोधन से पहले पूरा वंदे मातरम् बजाया गया
नयी दिल्ली, 14 अगस्त (भाषा) पहली बार, पूरा वंदे मातरम् 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्र के नाम संबोधन से पहले और समापन पर बजाया गया।
राष्ट्र गीत वंदे मातरम् को हाल में राष्ट्र गान ‘जन गण मन’ के समान कानूनी संरक्षण दिया गया।
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने भारत की आजादी की लड़ाई में राष्ट्रगीत की अहम भूमिका का उल्लेख किया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, ‘‘हमारे स्वाधीनता संग्राम में संघर्षरत अलग-अलग विचारधाराओं के लोगों का लक्ष्य एक ही था – भारत की स्वतंत्रता। स्वदेशी आंदोलन के दौरान, ‘वंदे मातरम्’ जन-जन का गीत बन गया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में अनगिनत देशवासी स्वाधीनता संग्राम से जुड़ गए। डॉ भीमराव आंबेडकर ने समाज सुधार तथा राष्ट्र-निष्ठा के उच्च आदर्श प्रस्तुत किए। भारत माता की उन सभी महान संतानों को मैं सादर नमन करती हूं, जिनके आदर्शों पर चलते हुए हमारा देश स्वतंत्र हुआ और आगे बढ़ा।’’
राष्ट्रपति ने मंगलवार को राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दी थी। लोकसभा में 30 जुलाई को यह विधेयक पारित हुआ था, जबकि राज्यसभा ने इससे एक दिन पहले इसे मंजूरी दी थी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि स्वतंत्रता दिवस के आधिकारिक समारोह के दौरान पहली बार ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से वंदे मातरम् का गायन होगा।

