परिलता वेलफेयर फाउंडेशन ने महिलाओं व किशोरियों को दी सलाह राष्ट्र संवाद संवाददाता अकलतरा, छत्तीसगढ़ । रजोशक्ति महाअभियान के अंतर्गत ग्राम पड़रिया, अकलतरा की किशोरी बालिकाओं तथा महिलाओं को मासिक धर्म के प्रति जागरूक किया गया। परिलता वेलफेयर फाउंडेशन की अध्यक्ष काजल कसेर ने माहवारी के दौरान होने वाली समस्याओं का सामना कैसे करें,इस पर चर्चा की। काज़ल कसेर ने कहा कि मासिक धर्म, जिसे आम भाषा में पीरियड्स कहा जाता है, महिलाओं के जीवन का एक सामान्य और जैविक हिस्सा है। इसके बावजूद, समाज में इसके बारे में खुलकर बात करना आज भी एक बड़ी वर्जना माना जाता है।…
Author: News Desk
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आज का राशिफल १ 💐मेष राशि– आपका काम भारी सफलता की ओर पहुंच जाएगा ।देश-विदेश से आपका संबंध हो सकता है ।आप अपने चंचलता पर और उत्तेजना पर नियंत्रण कीजिए। जहां तक संभव हो आप अपनी प्रतिभा और अपने पुरुषार्थ का सही उपयोग कीजिए ।आज आप अपने जीवन के लगभग हर क्षेत्र में सफल होने जा रहे हैं। आपको आमदनी में वृद्धि होगी व्यापार में वृद्धि होगी आपकी लोकप्रियता बढ़ेगी और आपकी व्यस्तता बहुत बढ़ेंगे ।अच्छे लोगों के परामर्श को स्वीकार कर सकते हैं और उसमें अपनी प्रतिभा अपनी बुद्धि को जोड़कर आप अच्छा लाभ कमा सकते हैं…
आतंक के विरुद्ध जल कूटनीति की चोट से टूटेगी पाकिस्तान की कमर देवानंद सिंह जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण चरमपंथी हमले के बाद भारत सरकार ने जिस तरह सख्त कदम उठाए हैं, वह पाकिस्तान की कमर तोड़ने वाले हैं, खासकर, 1960 की सिंधु जल संधि को स्थगित करना सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (CCS) की बैठक में यह निर्णय लिया गया। साथ ही, पाकिस्तान के साथ किसी प्रकार की जल-संबंधी सूचना साझा करने या बैठक में भाग लेने से भी भारत ने इनकार कर दिया है। यह निर्णय…
बेजा न हो सैयद आदिल हुसैन शाह की कुर्बानी आनंद सिंह सैयद आदिल हुसैन शाह को आप जानते हैं? आप कहेंगे, क्या बकवास कर रहा हूं मैं। मैं बकवास नहीं कर रहा। आज आपको बताऊंगा कि सैयद आदिल हुसैन शाह कौन थे और कैसे उनकी जान गई। लेकिन, आपको हिंदू-मुस्लिम वाला चश्मा पहले उतार कर फेंकना होगा। आपको जम्मू-कश्मीर वाला चश्मा भी उतार कर फेंकना होगा। आपको सिर्फ और सिर्फ एक भारतीय की नजर से इसे देखना होगा अन्यथा आपकी खोपड़ी में वह बात नहीं घुसेगी, जो मैं आपको बताना चाहता हूं। तो, सैयद आदिल हुसैन शाह पहलगाम के एकमुकाम…
पहलगाम की गोलियाँ: धर्म पर नहीं, मानवता पर चली थीं — प्रियंका सौरभ कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुआ आतंकी हमला सिर्फ एक गोलीबारी नहीं थी—यह एक ऐसा खौफनाक संदेश था जिसमें गोलियों ने धर्म की पहचान पूछकर चलना शुरू किया। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो आतंकियों ने पहले पर्यटकों से उनका धर्म पूछा, फिर उन्हें जबरन कलमा पढ़ने के लिए कहा, और इंकार करने पर गोली मार दी। यह न केवल एक घृणित धार्मिक कट्टरता का प्रदर्शन था, बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक षड्यंत्र भी था, जिसका उद्देश्य कश्मीर में पुनः स्थापित होती शांति और विश्वास को तार-तार करना…
देवानंद सिंह अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाने वाला जम्मू-कश्मीर का पहलगाम एक बार फिर खून से लथपथ है। आतंकवादियों ने वहां 27 निर्दोष नागरिकों की हत्या की, सिर्फ इसलिए क्योंकि उनका नाम या पहचान मुस्लिम नहीं थी। आतंकियों ने न जाति पूछी, न भाषा, न राजनीतिक विचारधारा। उन्होंने केवल धर्म देखा। यह घटना न सिर्फ मानवता के खिलाफ एक घृणित अपराध है, बल्कि भारत जैसे बहुलतावादी देश की आत्मा पर भी गहरी चोट है। पहलगाम की घटना साफ़तौर पर दर्शाती है कि इन आतंकियों के एजेंडे का केंद्र ‘धर्म’ ही है, इसीलिए ये टारगेटेड आतंकवाद को बढ़ावा देते…
मुकेश मित्तल अध्यक्ष, पूर्वी सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन एवं पूर्व उपाध्यक्ष, सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम क्षेत्र में स्थित बैसारन घाटी में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले में 28 निर्दोष पर्यटकों की जान चली गई और 20 से अधिक लोग घायल हो गए। यह हमला पिछले एक दशक में जम्मू-कश्मीर में नागरिकों पर हुआ सबसे भीषण हमला माना जा रहा है।  हमला और उसकी भयावहता हमला दोपहर करीब 2:50 बजे हुआ, जब चार से छह आतंकवादी सैन्य वर्दी में…
– डॉ सत्यवान सौरभ जम्मू-कश्मीर के पहलगाँव में हुए आतंकी हमले में जहाँ एक नवविवाहित हिंदू पर्यटक को उसका नाम पूछकर सिर में गोली मार दी गई। ये हमला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि धार्मिक पहचान के आधार पर की गई घृणा और आतंक का प्रतीक है। मृतक की पत्नी की स्तब्ध तस्वीर को राष्ट्र की आत्मा का जख्मी चेहरा माना गया है। यह भारत की एकता, नागरिक सुरक्षा, और धार्मिक सहिष्णुता पर चोट बताकर चेतावनी देता है कि यदि अब भी ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो अगला शिकार कोई और होगा। यह केवल शोक प्रकट करने के बजाय…
-ललित गर्ग- जम्मू-कश्मीर में स्थित पहलगाम, जिसे ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से जाना जाता है, मंगलवार को एक भीषण, दर्दनाक एवं अमानवीय आतंकी हमले का गवाह बना, एक बार फिर जिहादी आतंक का घिनौना-बर्बर चेहरा दिखा। आतंकियों ने पहलगाम में निर्दाेष-निहत्थे पर्यटकों की जिस तरह पहचान पता करके गोलियां बरसाईं, उससे यही पता चलता है कि वे केवल खौफ ही नहीं पैदा करना चाहते थे, बल्कि बड़ी संख्या में लोगों का खून बहाकर दुनिया का ध्यान भी खींचना चाहते थे। यह आतंकवाद एवं सांप्रदायिक घृणा का अब तक का सबसे घिनौना एवं बर्बर हमला एवं चेहरा है, जिसमें हिन्दू सुनकर…
