लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददातामुंबई के समीप ठाणे शहर में आज एक भीषण और हृदय विदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। शहर के व्यस्त पोखरण रोड क्रमांक २ पर स्थित बिरसा मुंडा चौक के पास बेथनी हॉस्पिटल के निकट एक अनियंत्रित पानी के टैंकर ने एक राह चलते व्यक्ति को बेरहमी से कुचल दिया। इस ठाणे में दर्दनाक हादसा के परिणामस्वरूप, पीड़ित की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जिससे क्षेत्र में शोक और तनाव का माहौल व्याप्त है। यह घटना शहरी सड़कों पर बढ़ती असुरक्षा और यातायात नियमों के उल्लंघन की…
Author: Nikunj Gupta
लेखक: डॉ. प्रियंका सौरभभारत में शिक्षा को सदियों से ज्ञान, संस्कार और सामाजिक परिवर्तन का माध्यम माना गया है। शिक्षक को समाज में विशेष सम्मान प्राप्त रहा है क्योंकि वह केवल विषय ज्ञान ही नहीं देता, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और चरित्र का निर्माण भी करता है। किंतु पिछले कुछ दशकों में शिक्षा के क्षेत्र में जो परिवर्तन हुए हैं, उन्होंने इस आदर्शवादी अवधारणा को काफी हद तक प्रभावित किया है। विशेष रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं की बढ़ती संख्या, सरकारी नौकरियों के प्रति आकर्षण और बेहतर करियर की दौड़ ने कोचिंग उद्योग को एक विशाल आर्थिक क्षेत्र में बदल दिया…
देश की राजधानी दिल्ली में राजनीतिक गहमागहमी के बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर एक बड़ा सीजेपी प्रदर्शन प्रस्तावित है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) द्वारा 6 जून को जंतर-मंतर पर होने वाले इस आंदोलन से पहले ही दिल्ली पुलिस हाई अलर्ट पर है। यह स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर छात्रों और युवा संगठनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। इस संभावित प्रदर्शन को लेकर पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क हैं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव…
विश्व पर्यावरण दिवस पर, झारखंड सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, जमशेदपुर वन प्रमंडल ने 5 जून को शहर में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम, “ग्रीनाथॉन – वॉक फॉर एनवायरमेंट” का आयोजन किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हरित जीवनशैली अपनाने और प्रकृति के प्रति गहरी जागरूकता फैलाना था। यह आयोजन ऐसे समय में हुआ जब वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संबंधी चुनौतियों पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता महसूस की जा रही है, और इसका लक्ष्य स्थानीय समुदाय को इस महत्वपूर्ण प्रयास में शामिल करना था। यह आयोजन सोनारी स्थित वन भवन (साईं मंदिर के निकट) में…
लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एक विशाल और सुव्यवस्थित राजनीतिक संगठन है, जिसकी शक्ति उसकी जमीनी स्तर की इकाइयों, विशेषकर मंडल (Mandal) स्तर पर टिकी है। ये मंडल इकाईयां ही स्थानीय मुद्दों पर कार्यकर्ताओं को एकजुट करती हैं और मतदाताओं के साथ सीधा संपर्क स्थापित करती हैं। इसी महत्वपूर्ण ढांचे के भीतर, जमशेदपुर के कदमा मंडल में भाजपा में एक बड़ा संगठनात्मक संकट उभरा है, जहां कदमा मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर संगठन के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। यह घटना केवल एक स्थानीय विवाद नहीं है, बल्कि यह भाजपा की संगठनात्मक रणनीति और…
लेखक: इंद्र यादवआजकल अखबार खोलें या टीवी देखें, तो एक कड़वा सच सामने आता है—पत्रकारिता अब ‘सवाल पूछने’ के बजाय ‘पक्ष लेने’ का काम कर रही है। यह समझना बहुत जरूरी है कि सच्ची पत्रकारिता की कोई जाति, कोई धर्म या कोई पार्टी नहीं होती। पत्रकार का धर्म सिर्फ जनता को सच बताना होता है।पत्रकारिता क्यों गिर रही है! आंकड़े और हकीकत!आज भारत की पत्रकारिता पर सवाल क्यों उठ रहे हैं! इसके कुछ मुख्य कारण हैं!विश्व स्तर पर गिरती रैंकिंग: दुनिया भर के मीडिया पर नजर रखने वाली संस्थाओं की रिपोर्ट देखें, तो भारत की प्रेस स्वतंत्रता (प्रेस फ्रीडम) की…
लेखक: देवानंद सिंहदिल्ली में हुए हालिया मालवीय नगर अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस भयावह घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में लगी भीषण आग ने 21 लोगों की जान ले ली, जिनमें 12 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही, नियमों की अनदेखी और भ्रष्ट तंत्र की संयुक्त विफलता का भयावह परिणाम है। हर बड़ी त्रासदी के बाद शोक संदेश, मुआवजे की घोषणा और जांच के आदेश जारी कर दिए जाते हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न हमेशा अधूरा रह जाता है—आखिर…
लेखक: डॉ. अनीता शर्मा “प्रकृति केवल हमारे जीवन का आधार नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और सभ्यता की आत्मा भी है।” विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर एक समाचार पढ़ने को मिला कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा लगभग 250 टन कचरा फैलाया गया। समाचार पढ़ते ही मन में एक प्रश्न कौंध गया— “क्या हम वास्तव में पुण्य कमाकर लौटते हैं, या अनजाने में प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों की उपेक्षा कर पाप के भागीदार बन जाते हैं?” इसी विचार ने मुझे अपनी हाल की यात्रा की ओर लौटा दिया। जब झारखंड के औद्योगिक नगर जमशेदपुर की 41 डिग्री…
लेखक: ललित गर्ग5 जून 2026 को मनाए जाने वाले विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष यह आलेख हमें पर्यावरणीय संकट की गंभीरता और उसके समाधान की दिशा में बढ़ने की आवश्यकता का बोध कराता है। यह केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि पृथ्वी और मानवता के भविष्य को बचाने का एक वैश्विक संकल्प है। वर्ष 2026 का यह दिवस ऐसे महत्वपूर्ण समय में आया है जब जलवायु परिवर्तन, प्लास्टिक प्रदूषण, जैव विविधता का क्षरण, जल संकट, वायु प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन ने पृथ्वी के अस्तित्व को गंभीर चुनौती के सामने खड़ा कर दिया है। इस वर्ष की थीम “प्लास्टिक…
Ranchi: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए अपनी संगठनात्मक क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी कड़ी में, मांडर प्रखंड के ब्राम्बे स्थित तिग्गा कॉम्प्लेक्स में बुधवार को पार्टी की एक अहम संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और बूथ लेवल एजेंट-2 (BLA-2) की भूमिका को प्रभावी बनाना था। पार्टी ने संगठन को पंचायत और बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत करने के लिए व्यापक रणनीति पर चर्चा की, जिसे जमीनी स्तर पर पार्टी की पहुंच और प्रभाव को बढ़ाने…
