Ranchi: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए अपनी संगठनात्मक क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी कड़ी में, मांडर प्रखंड के ब्राम्बे स्थित तिग्गा कॉम्प्लेक्स में बुधवार को पार्टी की एक अहम संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और बूथ लेवल एजेंट-2 (BLA-2) की भूमिका को प्रभावी बनाना था। पार्टी ने संगठन को पंचायत और बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत करने के लिए व्यापक रणनीति पर चर्चा की, जिसे जमीनी स्तर पर पार्टी की पहुंच और प्रभाव को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह बैठक न केवल पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने वाली थी, बल्कि इसने आगामी चुनावी चुनौतियों का सामना करने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप भी प्रस्तुत किया।
बैठक की अध्यक्षता रांची जिला संयोजक मंडली सदस्य जयवंत तिग्गा ने की। उनकी अगुवाई में कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने, नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, मतदाता सूची में मौजूद त्रुटियों के सुधार और आम जनता के बीच मतदाता जागरूकता बढ़ाने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इन निर्देशों का पालन पार्टी के जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के लिए अनिवार्य बताया गया, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में चुनावी प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें। इस दौरान, लोकतांत्रिक प्रक्रिया में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया, जो एक सशक्त लोकतंत्र की नींव है।
SIR और BLA-2: जमीनी स्तर पर मजबूती का आधार
वक्ताओं ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। ये कार्यकर्ता ही पार्टी और आम जनता के बीच की कड़ी होते हैं, जो सीधे मतदाताओं से जुड़ते हैं और उनकी समस्याओं को समझते हैं। ऐसे में प्रत्येक कार्यकर्ता को अपने-अपने क्षेत्र में मतदाताओं के साथ लगातार संपर्क बनाए रखना चाहिए और मतदाता सूची से संबंधित कार्यों में पूरी सक्रियता दिखानी चाहिए। SIR और BLA-2 जैसे कार्यक्रमों का उद्देश्य यही है कि मतदाता सूची पूरी तरह से अपडेटेड और सटीक हो, ताकि कोई भी योग्य मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रह जाए। इन एजेंटों को मतदाताओं की पहचान करने, त्रुटियों को सुधारने और नए वोटरों को पंजीकृत कराने का कार्य सौंपा गया है।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में जयवंत तिग्गा ने कहा कि पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सक्रिय और सशक्त बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए बूथ प्रबंधन को मजबूत करने तथा राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाएं सीधे लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं, और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे इन योजनाओं के लाभों को हर घर तक पहुंचाएं। इससे न केवल पार्टी की लोकप्रियता बढ़ेगी, बल्कि लोगों का सरकार पर विश्वास भी बढ़ेगा।
बैठक में प्रखंड अध्यक्ष रौशन तिग्गा ने संगठनात्मक गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा प्रस्तुत की। उन्होंने सभी पंचायतों में नियमित बैठकें आयोजित करने और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया। उनका मानना था कि नियमित संवाद और समन्वय से ही संगठन की कार्यक्षमता बढ़ाई जा सकती है। वहीं, प्रखंड उपाध्यक्ष एवं सचिव मोईन अंसारी ने मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह एक निरंतर प्रक्रिया है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। [INTERNAL_LINK_HOLDER]
बैठक में कोषाध्यक्ष सुधांशु भगत, युवा नेता मुर्शीद अमीरी, छात्र नेता रॉकी शाह, तैयब अंसारी, चारों उरांव सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने संगठन को मजबूत बनाने और मतदाता जागरूकता अभियान को सफल बनाने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया। इस सामूहिक प्रतिबद्धता ने बैठक को और भी सार्थक बना दिया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि पार्टी अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे पार्टी के संदेश को गांव-गांव तक पहुंचाएंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि हर नागरिक को उसके मताधिकार के महत्व की जानकारी हो।
बैठक के अंत में संगठन विस्तार, बूथ कमेटियों की सक्रियता और आगामी कार्यक्रमों की रणनीति पर भी गहन चर्चा की गई। कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुनने, उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी देने और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया गया। इस प्रकार, झामुमो ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि उसके कार्यकर्ता केवल चुनावी मशीनरी का हिस्सा न होकर, बल्कि समुदाय के सक्रिय सदस्य बनें जो लोगों की जरूरतों को समझते हैं और उन्हें सरकारी सहायता प्राप्त करने में मदद करते हैं। यह रणनीति पार्टी की ‘जनोन्मुखी’ छवि को और मजबूत करेगी और उसे झारखंड मुक्ति मोर्चा के तौर पर और भी शक्तिशाली बनाएगी।

