🙏🌅नमस्कार 🌅🙏 *आपका *राष्ट्र* *आपका *संवाद* *राष्ट्र संवाद पञिका* *राष्ट्र संवाद तीसरे दशक में* *बेमिसाल 25 साल* *राष्ट्र संवाद की मुहिम : सकारात्मक पत्रकारिता से ही बदलेगा समाज* 🪷जय गणेश 🪷 💐दिनांक 12जुलाई दिन रविवार 2026 www.rashtrasamvad.com https://epaper.rashtrasamvad.com *********************** Check out rashtrasamvad (@rashtrasamvad1): https://twitter.com/rashtrasamvad1?s=08 ************************* *NOW RASHTRASAMVAD AVAILABLE ON MOBILE APP* JHAHIN2000/1039 *राष्ट्रसंवाद दैनिक:-* JHHIN/26/A3805 *राष्ट्र संवाद नजरिया : जुलाई का सेकंड सैटरडे: देशभर में सियासी घमासान, सट्टा का संघर्ष या संगठन की परीक्षा?* *विश्व युद्ध नहीं विश्व शांति की जरूरत* *विकसित भारत की राह में जनसंख्या संतुलन का प्रश्न* *यूरेनियम डील से ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता भारत* *************************…
Author: Devanand Singh
लेखक: ललित गर्गप्रतिवर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। वर्ष 2026 की थीम है- ‘‘युवाओं की उम्मीदों और आकांक्षाओं को साकार करना-आज और भविष्य के लिए।’’ यह विषय स्पष्ट संकेत देता है कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य केवल उसकी जनसंख्या के आकार से नहीं, बल्कि उस जनसंख्या की गुणवत्ता, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल और अवसरों से निर्धारित होता है। भारत विश्व का सबसे अधिक आबादी वाला देश है। यह स्थिति एक ओर विशाल मानव संसाधन का अवसर प्रस्तुत करती है, तो दूसरी ओर संसाधनों, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और पर्यावरण पर अभूतपूर्व दबाव भी उत्पन्न करती है।…
लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददातामुंबई के व्यस्ततम इलाकों में से एक अंधेरी वेस्ट से इस वक्त की बेहद हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। शुक्रवार को मुंबई की सड़कों पर अंधेरी में BEST बस का तांडव देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद राहगीरों और वाहन चालक लोगों के होश पूरी तरह से उड़ा दिए। इस अनियंत्रित बस ने एक के बाद एक कई वाहनों को जोरदार टक्कर मारी, जिससे पूरे इलाके में अचानक से अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा इतना अचानक और भयानक था कि किसी को भी संभलने या भागने का थोड़ा भी…
लेखक: महेन्द्र तिवारीसंपादकीय विश्लेषण: भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं और परमाणु नीति के संदर्भ में वरिष्ठ विश्लेषक महेन्द्र तिवारी का यह विशेष लेख देश की बदलती ऊर्जा सुरक्षा और नीतिगत प्राथमिकताओं को गहराई से रेखांकित करता है।भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यूरेनियम आपूर्ति समझौते पर अंतिम मुहर लगना केवल एक व्यापारिक सौदा नहीं है, बल्कि यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक विकास और रणनीतिक कूटनीति के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। ऐसे समय में जब दुनिया भर में स्वच्छ ऊर्जा, परमाणु तकनीक और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है, भारत ने अपने दीर्घकालिक हितों को ध्यान में रखते…
लेखक: देवानंद सिंहईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव एक बार फिर पूरी दुनिया को असमंजस में खड़ा कर रहा है। पश्चिम एशिया में बढ़ती सैन्य गतिविधियां, समुद्री मार्गों पर असुरक्षा और कूटनीतिक प्रयासों की सुस्ती ने वैश्विक चिंता को बढ़ा दिया है। ऐसे माहौल में “तीसरे विश्व युद्ध” जैसी आशंकाएं स्वाभाविक रूप से सामने आती हैं। हालांकि वर्तमान परिस्थितियों को सीधे विश्व युद्ध कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन यह भी सच है कि यदि तनाव पर समय रहते नियंत्रण नहीं हुआ तो इसके गंभीर अंतरराष्ट्रीय परिणाम सामने आ सकते हैं।क्या तीसरे विश्व युद्ध का खतरा वास्तविक है?वर्तमान में वैश्विक व्यवस्था…
लेखक: देवानंद सिंह भारतीय राजनीति इन दिनों एक ऐसे दौर से गुजर रही है, जहां चुनावी मुकाबले से अधिक चर्चा राजनीतिक दलों के भीतर चल रहे असंतोष, नेतृत्व संघर्ष और टिकट वितरण को लेकर हो रही है। लोकतंत्र में विचारों का मतभेद स्वाभाविक है, लेकिन जब यही मतभेद सार्वजनिक विरोध, शक्ति प्रदर्शन और संगठनात्मक टकराव का रूप लेने लगें, तो यह केवल किसी एक दल का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक राजनीति की कार्यशैली का भी प्रश्न बन जाता है। हाल के दिनों में देश के अलग-अलग राज्यों से सामने आई घटनाएं इसी ओर संकेत करती हैं। पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व को…
लेखक: देवानंद सिंहदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के उद्देश्य से लाया गया ‘विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान (VBSA) विधेयक, 2025’ अब केवल एक शिक्षा सुधार का प्रस्ताव नहीं रह गया है, बल्कि यह केंद्र और राज्यों के अधिकारों, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता तथा संविधान के संघीय ढांचे पर एक बड़ी बहस का विषय बन गया है। एक ओर केंद्र सरकार इसे उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने वाला ऐतिहासिक कदम बता रही है, तो दूसरी ओर कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल इसे शिक्षा व्यवस्था के अत्यधिक केंद्रीकरण की दिशा में उठाया गया कदम मान रहे हैं।विकसित भारत…
लेखक: इंद्र यादवहमारा जीवन प्रकृति और उसके अनगिनत रहस्यों से घिरा हुआ है। प्राचीन काल से ही हमारे पूर्वज कुदरत के संकेतों को समझकर अपने जीवन को सुखी और समृद्ध बनाते आए हैं। आज की आधुनिक दुनिया में जब हम मशीनों और तकनीक पर अत्यधिक निर्भर हो चुके हैं, तब हमें वापस अपनी जड़ों की ओर लौटने की आवश्यकता है। आइए, हम सब मिलकर जीव-जंतुओं से सीखें कि किस प्रकार वे हमें जीवन जीने का सही मार्ग दिखाते हैं और हमारे आसपास की सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा को पहचानने में मदद करते हैं।भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में जीव-जंतुओं को…
लेखक: ललित गर्गभारत आज केवल विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक शक्ति ही नहीं, बल्कि एक उभरती हुई वैश्विक महाशक्ति के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति ने जिस आत्मविश्वास, स्पष्टता और दूरदृष्टि का परिचय दिया है, उसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति की दिशा बदल दी है। कभी जो भारत अपनी रक्षा आवश्यकताओं के लिए विदेशी हथियारों पर निर्भर था, वही भारत आज आधुनिक मिसाइलों, रक्षा प्रणालियों और सैन्य उपकरणों का निर्यात करने वाला विश्वसनीय राष्ट्र बन चुका है। यह परिवर्तन केवल आर्थिक उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत की रणनीतिक, वैज्ञानिक,…
लेखक: राष्ट्र संवाद मुंबई/इंद्र यादव/महाराष्ट्र में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। राज्यसभा सांसद संजय राउत ने उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक पत्र लिखकर पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका में स्कूली बच्चों के लिए खरीदे गए सामान में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। इस गंभीर आरोप के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया है और विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है। पिंपरी-चिंचवड में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सांसद संजय राउत के अनुसार, पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका ने प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों के बच्चों के लिए गणवेश (यूनिफॉर्म), स्वेटर, मोजे, रेनकोट और स्कूल बैग खरीदे थे। आरोप है…
