नेपाल की त्रासदी पर अर्जुन मुंडा ने जताया शोक, कहा- संकट की घड़ी में भारत नेपाल के साथ
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर : नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा और उससे हुई भारी जान-माल की क्षति पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने गहरा दुख व्यक्त किया है। शनिवार को जमशेदपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि नेपाल से सामने आ रही तबाही की तस्वीरें बेहद दर्दनाक और चिंताजनक हैं। इस कठिन समय में पूरा भारत नेपाल के लोगों के साथ खड़ा है।
अर्जुन मुंडा ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संबंध हैं। दोनों देशों के लोगों के बीच वर्षों पुराना आत्मीय जुड़ाव रहा है। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में भारतीय श्रद्धालु नेपाल के रास्ते कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर जाते हैं और मौजूदा आपदा के कारण कई यात्रियों के प्रभावित होने की खबरें सामने आ रही हैं।
उन्होंने कहा कि उन्हें यह भी जानकारी मिली है कि जमशेदपुर से गए कुछ लोगों के संबंध में खोजबीन की जा रही है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई विस्तृत और आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राहत एवं बचाव कार्यों के माध्यम से लापता लोगों का जल्द पता लगाया जाएगा और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता मिलेगी।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने इस आपदा को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए कहा कि प्राकृतिक संतुलन बनाए रखना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मानव समाज को प्रकृति के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार रवैया अपनाना चाहिए। विकास कार्यों और मानवीय गतिविधियों के दौरान पर्यावरणीय संतुलन की अनदेखी भविष्य में गंभीर परिणाम ला सकती है।
अर्जुन मुंडा ने कहा कि प्रकृति समय-समय पर अपना स्वरूप दिखाती है, इसलिए हमें पर्यावरण संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने नेपाल में मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

