राष्ट्र संवाद संवाददाता
सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र में एक आदिवासी महिला के साथ कथित पुलिसिया दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। चांडिल थाना में पदस्थापित एसआई यमुना राम पर आरोप है कि उन्होंने एक आदिवासी महिला के साथ मारपीट की, उसके कपड़े फाड़ दिए तथा गाली-गलौज की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को एसआई यमुना राम एक नाबालिग युवक बलराम सिंह मुंडा की तलाश में रुचाप बस्ती स्थित उसके घर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि बलराम घर पर नहीं मिलने के बाद पुलिसकर्मी उसकी मामी से उलझ गए। वायरल वीडियो में महिला के साथ कथित रूप से गाली-गलौज और धक्का-मुक्की होती दिखाई दे रही है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि महिला को डंडे से पीटा गया तथा उसके साथ अमर्यादित व्यवहार किया गया।
परिजनों के अनुसार, बलराम मुंडा (जन्म तिथि 07 जनवरी 2010) नाबालिग है। बताया जाता है कि 10 जून की रात वह स्नान कर घर लौट रहा था। इसी दौरान उसने रास्ते में गणेश सिंह सरदार और रोहित आदित्यदेव को आपस में विवाद करते देखा। आरोप है कि वहां पहुंचते ही रोहित आदित्यदेव ने उसे गणेश का सहयोगी समझकर धक्का-मुक्की की। बाद में रोहित की शिकायत पर पुलिस बलराम को पकड़ने उसके घर पहुंची थी।
पीड़ित परिवार का कहना है कि बलराम के माता-पिता दिहाड़ी मजदूर हैं और परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। घटना के बाद घायल महिला का चांडिल अस्पताल में प्राथमिक उपचार कराया गया।
मामले को लेकर पीड़ित परिवार ने एसआई यमुना राम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। परिजनों ने कहा है कि वे न्याय की मांग को लेकर जिले के पुलिस अधीक्षक से भी मुलाकात करेंगे।

