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    किशोरों को मर्दानगी व जेंडर पर प्रशिक्षण

    Sumi BangabashBy Sumi BangabashJune 12, 2026No Comments4 Mins Read
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    किशोरों को मर्दानगी व जेंडर पर प्रशिक्षण

     राष्ट्र संवाद संवादाता 

    जमशेदपुर।सामाजिक संस्था युवा (यूथ फॉर यूनिटी एंड वॉलंटरी एक्शन) के संयुक्त तत्वावधान तथा गर्ल्स फर्स्ट फंड के सहयोग से समेकित जन विकास केंद्र, सुंदरनगर में किशोरों के लिए जेंडर एवं मस्कुलिनिटी विषय पर दो दिवसीय फॉलोअप प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में पोटका प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े 30 किशोरों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

    प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किशोरों के साथ पूर्व में आयोजित जेंडर एवं मस्कुलिनिटी प्रशिक्षण की सीखों को दोहराना, उनके व्यवहार में आए सकारात्मक परिवर्तनों की समीक्षा करना तथा उनमें जेंडर समानता, सकारात्मक मर्दानगी, सम्मानजनक व्यवहार, सहमति, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की समझ को और अधिक मजबूत बनाना था।

    प्रशिक्षण में प्रशिक्षक के रूप में परियोजना समन्वयक चाँदमनी सवैया उपस्थित रही| उन्होंने सहभागितापूर्ण एवं संवादात्मक तरीके से किशोरों के साथ जेंडर की अवधारणा, जेंडर पहचान, सामाजिक भूमिकाओं तथा समाज में प्रचलित रूढ़िवादी धारणाओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। विभिन्न गतिविधियों, समूह चर्चाओं और अनुभव साझा करने की प्रक्रिया के जरिए प्रतिभागियों को इन विषयों को अपने दैनिक जीवन के अनुभवों से जोड़कर समझने का अवसर मिला।

    प्रशिक्षण के दौरान किशोरों ने सकारात्मक मस्कुलिनिटी और विषैली मस्कुलिनिटी के बीच अंतर को समझा। उन्हें बताया गया कि सकारात्मक मस्कुलिनिटी समानता, सहयोग, संवेदनशीलता, सम्मान और जिम्मेदारी को बढ़ावा देती है, जबकि विषैली मस्कुलिनिटी भेदभाव, हिंसा और असमान व्यवहार जैसी प्रवृत्तियों को बढ़ा सकती है।

    सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण के बाद अपने जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को भी साझा किया। कई किशोरों ने बताया कि वे अब घर के कार्यों में सहयोग करते हैं, अपने व्यक्तिगत कार्य स्वयं करते हैं तथा परिवार के सदस्यों के साथ अधिक सम्मानजनक व्यवहार करने लगे हैं।

    एक किशोर ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि पहले वह मानता था कि लड़कों को अपनी भावनाएं व्यक्त नहीं करनी चाहिए, लेकिन अब वह अपनी भावनाओं को समझने और उन्हें स्वस्थ तरीके से व्यक्त करने का प्रयास करता है। अन्य प्रतिभागियों ने बताया कि अब वे लड़कियों और लड़कों को समान अवसर एवं सम्मान देने की सोच विकसित कर रहे हैं तथा अपनी बहनों और समुदाय की अन्य लड़कियों के साथ बराबरी का व्यवहार करने का प्रयास कर रहे हैं।
    एक अन्य किशोर ने बताया कि पहले वह जरूरतमंद लोगों की सहायता करने के बारे में गंभीरता से नहीं सोचता था, लेकिन प्रशिक्षण के बाद उसके दृष्टिकोण में बदलाव आया। उसने एक वृद्ध महिला को प्यासा देखकर उन्हें पानी पिलाया और महसूस किया कि दूसरों की सहायता करना इंसानियत और सामाजिक जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    कार्यक्रम के दौरान युवा संस्था की सचिव वर्णाली चक्रवर्ती ने किशोरों के साथ संवाद करते हुए उनसे पूछा कि प्रशिक्षण के बाद वे अपने जीवन में कौन-कौन से सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लेते हैं। उन्होंने कहा कि घरेलू कार्य केवल महिलाओं की जिम्मेदारी नहीं हैं, बल्कि परिवार के सभी सदस्यों की साझा जिम्मेदारी हैं। अपने बर्तन और कपड़े स्वयं साफ करने तथा घर के कार्यों में भागीदारी करने से आत्मनिर्भरता, जिम्मेदारी और आत्मविश्वास का विकास होता है। उन्होंने किशोरों को समानता, सम्मान और संवेदनशीलता का संदेश देते हुए कहा कि सच्ची मर्दानगी ताकत का प्रदर्शन करने में नहीं, बल्कि जिम्मेदार, संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार अपनाने में है।

    प्रशिक्षण के दौरान यह संदेश भी साझा किया गया कि जेंडर समानता केवल महिलाओं से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि एक न्यायपूर्ण, सुरक्षित और समान समाज के निर्माण के लिए सभी की जिम्मेदारी है। किशोर अपनी सोच और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाकर परिवार, समुदाय और समाज में परिवर्तन के प्रभावी वाहक बन सकते हैं।
    इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन में युवा संस्था के कार्यकर्ताओं चाँदमनी सवैया, कापरा माझी, सिकंदर सोय एवं अरूप मंडल का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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