नई दिल्ली. भारत में गोद लिए बच्चों को अब विदेश ले जाना आसान होगा. केंद्र सरकार ने इसके संबंध में हिंदू दत्तक ग्रहण और भरण-पोषण अधिनियम (एचएएमए) के तहत अंतर्देशीय गोद लेने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए नए नियम जारी किए हैं. अब तक एचएएमए के तहत अंतर्देशीय गोद लेने के संबंध में सीएआरए के लिए कोई नियम नहीं थे.
ऐसे प्राप्त कर सकते हैं एनओसी
दत्तक ग्रहण (संशोधन) विनियम 2021 के अनुसार, अधिनियम के तहत गोद लेने वाले परिवार बच्चे को विदेश ले जाने के लिए सरकार के नोडल दत्तक निकाय केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (सीएआरए) से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त कर सकते हैं.
अब तक अदालत ही जारी करती थी
अभी तक सिर्फ एक अदालत ही एनओसी जारी करती थी. नया अधिनियम बच्चों को गोद लेने के नियमों से संबंधित है क्योंकि यह गोद लिए गए बच्चे को जैविक बच्चे द्वारा प्राप्त सभी अधिकार प्रदान करता है.
हेग अनुमोदित देशों को ले जाए जा सकेंगे बच्चे
शुक्रवार देर रात जारी एक अधिसूचना में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने कहा कि सीएआरए हेग-अनुमोदित देशों के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करेगी. बच्चों के संरक्षण और सहयोग पर हेग कन्वेंशन एक अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन है जिस पर भारत द्वारा अंतर्देशीय दत्तक ग्रहण के संबंध में हस्ताक्षर और पुष्टि की गई है.
संबंधित डीएम से कराना होगा सत्यापन
सीएआरए देश में संबंधित क्षेत्र के जिला मजिस्ट्रेट से सत्यापन प्रमाण पत्र के आधार पर एनओसी जारी करेगा. मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पहले कहा था कि नए नियमों को लाया जा रहा है क्योंकि एचएएमए के तहत गोद लिए गए बच्चे को दूसरे देश में स्थानांतरित करने के संबंध में कई चुनौतियां हैं.

