Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » आनंद मार्ग प्रचारक संघ की ओर से  द्वितीय संभागीय दो दिवसीय सेमिनार
    झारखंड

    आनंद मार्ग प्रचारक संघ की ओर से  द्वितीय संभागीय दो दिवसीय सेमिनार

    Devanand SinghBy Devanand SinghMarch 3, 2019No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    जमशेदपुर आनंद मार्ग प्रचारक संघ की ओर से  द्वितीय संभागीय दो दिवसीय सेमिनार के दूसरे दिन को मार्ग गुरु श्री श्री आनंदमूर्ति जी के प्रतिकृति पर माल्यार्पण के साथ आनंद मार्ग जागृति , गदरा रहरगोड़ा में संपन्न हुआ। प्रथम सत्र में साधकों को संबोधित करते हुए केंद्रीय प्रशिक्षक आचार्य संपूर्णानंद अवधूत ने “वृहत् का आह्वान” विषय की चर्चा करते हुए कहा कि “जीव-भाव बंधन का कारण है  वहीं वृहत का भाव या ब्रह्मभाव है पाप उबारण है। “
    सर्ववृहत् ब्रह्म का कोई आधार नहीं होता, ब्रह्म में ही, उन्हीं के मध्य बाकी षट्लोक सृष्ट है। केवल सत्यलोक में ही ब्रह्म अविकृत हैं। सत्यलोक को छोड़कर बाकी छः लोक माया के द्वारा प्रभावित है। जीवात्मा (जीव भाव) की चर्चा करते हुए आचार्य जी ने कहा कि परमात्मा स्वरुप की प्रतिबिम्बित विकाश ही जीवात्मा है। जीवात्मा का अणु मन (मायिक मन) पंचकोषात्मक- काममय,मनोमय, अति मानस, विज्ञानमय एवं हिरण्यमय को लेकर है। पंचकोषों को शुद्ध एवं तैयार करने के लिए आहार शुद्धि ,अष्टांग योग ( यम, नियम ,आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार ,धारणा, ध्यान एवं समाधि )की निरंतर साधना करके भूमा मन के सत्यलोक में स्थापित होना होगा। उन्होंने कहा कि हे मनुष्य तुम भाग्यवान हो। तुम्हारे पास वृहत्  का आह्वान आया है। जागो और अपनी प्रसुप्त यौवन के तमसोच्छन्न पौरुष  को जगाओ। क्षुद्रत्व की श्रृंखला को तोड़ तमिस्रा के वक्ष को भेदकर आगे बढ़ो।
    इस अवसर पर सुबह बाबा नाम केवलम अष्टक्षरी सिद्ध महामंत्र का अखंड कीर्तन में भाग लेकर साधकों ने आध्यात्मिक  लाभ उठाया
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleऔद्योगिक इतिहास में टाटा घराना का नाम स्वर्णाक्षरों में : मुख्यमंत्री
    Next Article हेडलाइंस राष्ट्र संवाद

    Related Posts

    SIR 2026: किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा

    June 21, 2026

    स्लम क्षेत्र के बच्चों को योग से जोड़ने की अनूठी पहल, योग दिवस पर सफल आयोजन

    June 21, 2026

    जमशेदपुर महानगर के सभी मंडलों में भाजपा ने पूरे मनोयोग से मनाया 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

    June 21, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर: व्यवस्था सवालों में, राष्ट्रीय बहस

    SIR 2026: किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा

    राम मंदिर के चढ़ावे पर चुप्पी क्यों? जवाबदेही का सवाल

    सुप्रीम कोर्ट का फैसला: फुटपाथ पर मौलिक अधिकार और अतिक्रमण की हकीकत

    The Bharat Tiwari Encounter: A National Debate on Justice, Accountability, and Public Trust

    त्रिकोणीय जंग में उत्तराखंड की राजनीति का भविष्य

    स्लम क्षेत्र के बच्चों को योग से जोड़ने की अनूठी पहल, योग दिवस पर सफल आयोजन

    जमशेदपुर महानगर के सभी मंडलों में भाजपा ने पूरे मनोयोग से मनाया 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

    भरत तिवारी के कथित फर्जी एनकाउंटर के विरोध में साकची में कैंडल मार्च, निष्पक्ष जांच की मांग

    अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जिले में सामूहिक योगाभ्यास, उपायुक्त राजीव रंजन ने दिया स्वस्थ जीवन का संदेश

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.