नई दिल्ली । तीन कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच टकराव बढ़ते जा रहा है। इस बीच 26 जनवरी को किसानों के ट्रैक्टर मार्च के दौरान लाल किले पर भड़की हिंसा के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। आगामी 6 फरवरी को देशभर में होने वाले चक्काजाम को लेकर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि वह दिल्ली-एनसीआर में चक्काजाम नहीं करेंगे। राकेश टिकैत ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर के पास ऐसा कुछ नहीं होगा। टिकैत ने कहा है कि किसान अपनी-अपनी जगहों पर सड़क बंद करेंगे और प्रशासन को ज्ञापन भी देंगे।
दिल्ली पुलिस ने इन लोगों पर घोषित किया ईनाम
दिल्ली पुलिस ने 26 जनवरी को लाल किला हिंसा में आरोपित दीप सिद्धू, जुगराज सिंह, गुरजंत सिंह, गुरजंत सिंह, जगबीर सिंह, बुटा सिंह, सुखदेव सिंह और इकबाल सिंह पर इनाम घोषित किया है। गौरतलब है कि राकेश टिकैत बुधवार को जींद में कंडेला गांव पहुंचे हैं। वह यहां किसानों के लिए होने वाली महापंचायत में हिस्सा भी लेंगे। गौरतलब है कि जींद में हो रही इस महापंचायत में हरियाणा के करीब 50 खापों के प्रतिनिधि भी महापंचायत शामिल होंगे। इस महापंचायत में किसान आंदोलन की आगामी रणनीति बनाई जाएगी। इस बीच किसान संगठनों ने साफ कर दिया है कि किसान कानून वापसी से कम पर किसी भी चीज पर नहीं मानेंगे। चाहे आंदेलन कितना भी लंबा क्यों न चले। किसान नेता राकेश टिकैत ने साफ कहा कि आंदोलन अक्टूबर तक चलेगा और सरकार से बात नहीं बनी तो फिर किसान संगठन देशभर में 40 लाख ट्रैक्टरों की रैली निकालेंगे।
सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सुनवाई
26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट आज सुनवाई करेगा। एक याचिका में जांच के लिए शीर्ष कोर्ट के सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में आयोग बनाने का अनुरोध किया गया है। गौरतलब है कि 3 कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर 26 जनवरी को हजारों की संख्या में कृषि कानून विरोधियों ने ट्रैक्टर रैली निकाली थी। इस दौरान दिल्ली की सड़कों पर हिंसा भड़क गई थी और कई जगह प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के बैरिकेड्स तोड़ दिए थे। वाहनों में तोड़ फोड़ की और लाल किले पर एक धार्मिक ध्वज फहरा दिया। इस मामले में आज चीफ जस्टिस एसए बोबडे, न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामसुब्रमण्यन की पीठ सुनवाई करेगी।

