बजट बिल्कुल जनविरोधी हैं, बजट में मध्यमवर्गीय परिवार के सपनों और विश्वास को रौंदा गया: स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता
बजट बिल्कुल जनविरोधी हैं, बजट में मध्यमवर्गीय परिवार के सपनों और विश्वास को रौंदा गया हैं, कोरोना के वैश्विक संकट के बाद उम्मीद थी कि टैक्स स्लैब में राहत मिलेगी जिससे मध्यमवर्गीय परिवार को थोड़ी राहत मिलती लेकिन जनविरोधी नीतियों के लिए प्रसिद्ध मोदी सरकार ने मुंह फेर लिया है।
मैं देश नही बिकने दूंगा के नारों के साथ आई मोदी सरकार अब खुलेआम भारत की संपदाओं और सरकारी कंपनियों को अपने कॉरपोरेट घरानों के मित्रों को बेचने का लाइसेंस दे रही हैं और देश को बेचने की तैयारी कर रही हैं।
आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर उन राज्यों में चुनावी घोषणा कर बेवकूफ बनाने की कोशिश की गई हैं, जुमले वाली भाजपा सरकार सिर्फ झूठे वादे के साथ बजट पेश कर जनता को ठगने का कार्य कर रही हैं।
कोरोना को लेकर जनता को उम्मीद थी कि विभिन्न राज्यों में विशेष पैकेज की घोषणा की जाएगी लेकिन जनता की उम्मीदों को ठगने का कार्य किया गया हैं।
बजट में किसानों के लिए, महिलाओं के लिए, युवाओं के लिए, विद्यार्थियों के लिए कुछ नहीं है कुल मिलाकर देखा जाए तो कॉरपोरेट मित्रों को खुश करने वाली और गरीबों और मध्यमवर्गीय परिवार के खिलाफ ये बजट हैं।आज कई दिनों से दिल्ली के सड़को पर आंदोलन करने वाले अन्नदाताओं के लिए भी इस बजट में कुछ नहीं हैं।
