Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » किसानों के लिये हो अच्छे उत्पादन का वैज्ञानिक अनुसंधान: प्रधानमंत्री मोदी
    Breaking News Headlines राष्ट्रीय

    किसानों के लिये हो अच्छे उत्पादन का वैज्ञानिक अनुसंधान: प्रधानमंत्री मोदी

    Devanand SinghBy Devanand SinghOctober 3, 2020No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को विज्ञान को सामाजिक और आर्थिक बदलाव के प्रयासों का महत्वपूर्ण अंग बताते हुए कहा कि उनकी सरकार किसानों को अच्छे उत्पादन के लिए अव्वल दर्जे का वैज्ञानिक अनुसंधान उपलब्ध कराना चाहती है.

    गांधी जयंती के दिन वैश्विक भारतीय वैज्ञानिक (वैभव) शिखर सम्मेलन का वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से उद्घाटन करने के बाद अपने संबोधन में मोदी ने ये बातें कहीं. उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने विज्ञान, अनुसंधान और शोध को बढ़ावा देने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं.

    पीएम मोदी ने कहा कि अपने किसानों की मदद के लिए हम अव्वल दर्जे का वैज्ञानिक अनुसंधान चाहते हैं. हमारे कृषि अनुसंधान वैज्ञानिकों ने दाल के उत्पादन को बढ़ाने के लिए बहुत कड़ी मेहनत की है. हम बहुत कम मात्रा में दाल का नियाज़्त कर पाते हैं. हमारा अन्न उत्पादन रिकॉडज़् उच्च स्तर पर पहुंचा है.

    प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर महत्वाकांक्षी आत्मनिर्भर भारत अभियान का भी जिक्र किया और कहा कि इसमें वैश्विक कल्याण की भावना भी निहित है. इसे साकार करने के लिए उन्होंने सभी का समर्थन मांगा. यह सम्मेलन वैश्विक और प्रवासी भारतीय शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों को एक मंच प्रदान करता है.

    इसका उद्देश्य भारतीय मूल के दिग्गजों को एक मंच पर लाना है जो दुनिया भर के अकादमिक और शोध संस्थाओं से जुड़े हैं. इस सम्मेलन में 55 देशों के भारतीय मूल के 3000 से अधिक वैज्ञानिक और शिक्षाविद तथा 10 हजार से अधिक प्रवासी वैज्ञानिक और शिक्षाविद शिरकत कर रहे हैं.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleअरुणाचल प्रदेश भारत का हिस्सा, चीन का दावा गलत: अमेरिका
    Next Article हाथरस केस में योगी सरकार की कड़ी कार्रवाई, डीएम-एसपी समेत कई अधिकारी सस्पेंड, नारको टेस्ट होगा

    Related Posts

    लोहरदगा- लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र में अंतिम संस्कार को ले दो गांवों के ग्रामीणों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया।

    June 22, 2026

    झारखंड में वज्रपात का कहर: खूंटी में क्रिकेट खेल रहे युवक की मौत, 11 झुलसे; कई जिलों में छह लोगों की गई जान

    June 22, 2026

    बंगाल बजट: अन्नपूर्णा योजना के लिए 36,000 करोड़ रुपये आवंटित, लाभार्थियों की संख्या घटेगी

    June 22, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    लोहरदगा- लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र में अंतिम संस्कार को ले दो गांवों के ग्रामीणों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया।

    झारखंड में वज्रपात का कहर: खूंटी में क्रिकेट खेल रहे युवक की मौत, 11 झुलसे; कई जिलों में छह लोगों की गई जान

    बंगाल बजट: अन्नपूर्णा योजना के लिए 36,000 करोड़ रुपये आवंटित, लाभार्थियों की संख्या घटेगी

    आंतरिक शक्ति का पुंज – योग

    निरोगी रहे तेरी अनमोल काया

    काले ने “काया ग्रीन्स” का किया उद्घाटन, ताज़ी सब्ज़ियों और स्वस्थ जीवनशैली को मिलेगा नया आयाम

    भालूबासा के विस्थापित दुकानदारों को फिर जगी उम्मीद, दुकान आवंटन प्रक्रिया में आई तेजी

    जदयू ने पेट्रोल पंपों पर ईंधन की गुणवत्ता की जांच की उठाई मांग, उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन

    मानगो शहरी जलापूर्ति योजना फेज-2, पार्ट-B अंतर्गत एनएच-33 के रॉव में पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू, मेयर सुधा गुप्ता ने किया निरीक्षण

    फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने का आरोप, कैफे संचालक पुलिस के हवाले

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.