
ओड़िया भाषाई अल्पसंख्यकों की समस्याओं को लेकर राज्यपाल से मिले डॉ. दिनेश षाडंगी
*उत्कल सम्मेलन के शिक्षकों के बकाया मानदेय, अंतरराज्यीय समझौतों के क्रियान्वयन और स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमाएं स्थापित करने की उठाई मांग*
राष्ट्र संवाद संवाददाता, घाटशिला
झारखंड सरकार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. दिनेश कुमार सारंगी ने अपनी धर्मपत्नी डॉ. बिनी सारंगी और पौत्र चीनू के साथ भुवनेश्वर स्थित लोक भवन में ओडिशा के राज्यपाल ब्रजमोहन राम से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने राज्यपाल को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया तथा झारखंड की प्रसिद्ध सोहराई पेंटिंग, भगवान जगन्नाथ पर केंद्रित चित्रात्मक पुस्तक ‘महाबाहु’ और टीपीएस ट्रस्ट का कैलेंडर भेंट किया।
मुलाकात के दौरान डॉ. सारंगी ने ओड़िया भाषाई अल्पसंख्यकों की लंबे समय से लंबित समस्याओं और शिकायतों को लेकर राज्यपाल को पांच सूत्री ज्ञापन सौंपा। इसमें उत्कल सम्मेलन के शिक्षकों के बकाया मानदेय का तत्काल भुगतान तथा 1 अप्रैल 2024 से पूर्व प्रभाव से बढ़ी हुई छह हजार रुपये मासिक पारिश्रमिक राशि देने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
ज्ञापन में बिहार-ओडिशा और झारखंड-ओडिशा सरकारों के बीच पूर्व में हुए समझौतों को तत्काल धरातल पर लागू करने की मांग भी की गई। इसके लिए दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों, मुख्य सचिवों और शिक्षा सचिवों के साथ सिंहभूम उत्कल सभा, उत्कल सम्मेलन, उत्कल एसोसिएशन तथा गोलमुरी उत्कल समाज के प्रतिनिधियों की नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने का सुझाव दिया गया।
इसके अलावा, महान स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में विभिन्न सरकारी परिसरों में प्रतिमाएं स्थापित करने की मांग रखी गई। रांची स्थित राजभवन परिसर में राजा अर्जुन सिंह, जोगु देवान, पोटा हो, पंडित गोपबंधु दास, उत्कल गौरव मधुसूदन दास, डुलु मानकी और पंडित गोदावरिश मिश्र सहित अन्य सेनानियों की प्रतिमाएं स्थापित करने का प्रस्ताव दिया गया। वहीं, सिंहभूम (कोल्हान) प्रमंडलीय आयुक्त परिसर में राजा अर्जुन सिंह, जोगु देवान और पोटा हो तथा पश्चिमी सिंहभूम उपायुक्त कार्यालय परिसर में पंडित गोपबंधु दास, डुलु मानकी और पंडित गोदावरिश मिश्र की प्रतिमाएं स्थापित करने की मांग की गई।
राज्यपाल ने सभी मुद्दों को गंभीरता से सुनते हुए दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ इन विषयों पर चर्चा करने तथा समस्याओं के समाधान और शिकायतों के त्वरित निवारण का भरोसा दिलाया।

