
केबल मुखी समाज गोलमुरी की बैठक संपन्न, 22 नवंबर को मनेगी बिरसा मुंडा जयंती एवं झारखंड स्थापना दिवस का आयोजन शहर के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में एक नई ऊर्जा का संचार करने वाला है। राष्ट्र संवाद संवाददाता के अनुसार, जमशेदपुर के गोलमुरी स्थित सामुदायिक विकास भवन में केबल मुखी समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता समाज के सक्रिय सचिव गुरुचरण मुखी द्वारा की गई, जिसमें समुदाय के उत्थान और सांस्कृतिक धरोहर को संजोने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए।
केबल मुखी समाज गोलमुरी की बैठक संपन्न और भविष्य की रूपरेखा
बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु आगामी 22 नवंबर को आयोजित होने वाला भव्य कार्यक्रम था। सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि CWA हॉल, गोलमुरी में बिरसा मुंडा जयंती एवं झारखंड स्थापना दिवस को पूरी श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य न केवल राज्य की स्थापना के गौरवशाली क्षणों को याद करना है, बल्कि आदिवासी जननायक भगवान बिरसा मुंडा के बलिदानों और उनके आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुँचाना भी है।
इस अवसर पर ‘उत्कर्ष-2026’ नामक एक विशेष कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत समाज के बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से बच्चों के लिए चित्रांकन (ड्राइंग), भाषण प्रतियोगिता, मॉडल निर्माण और मेहंदी रचाओ प्रतियोगिता शामिल हैं। इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य बच्चों के भीतर छिपी हुई प्रतिभा को निखारना और उन्हें मंच प्रदान करना है।
आयोजकों ने जानकारी दी है कि जो भी अभिभावक अपने बच्चों को इन प्रतियोगिताओं में सम्मिलित करना चाहते हैं, वे विस्तृत जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 9279248503 पर संपर्क कर सकते हैं। यह कार्यक्रम समाज के बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
बैठक में समाज के गणमान्य सदस्य और पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। उपस्थिति देने वाले प्रमुख सदस्यों में गुरुचरण मुखी, रुपेश मुखी, टिंकू मुखी, सागर मुखी, संदीप मुखी, आकाश मुखी, डेविड मुखी, सुमित मुखी, राजन मुखी, निखिल महानन्द, सुजल मुखी, रिकू मुखी, गुरुप्रसाद मुखी, शिवनाथ मुखी एवं चंदन बाघ शामिल थे। इन सभी सदस्यों ने कार्यक्रम की सफलता के लिए अपने सुझाव दिए और सक्रिय भागीदारी का आश्वासन दिया।
झारखंड राज्य की स्थापना के महत्व को रेखांकित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि यह दिन हमारे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। बिरसा मुंडा का संघर्ष हर झारखंडी के लिए स्वाभिमान का प्रतीक है। ‘उत्कर्ष-2026’ कार्यक्रम के माध्यम से हम अपने बच्चों को अपनी संस्कृति और गौरवशाली इतिहास के प्रति संवेदनशील बनाने का प्रयास कर रहे हैं। आयोजन स्थल CWA हॉल, गोलमुरी को सजाने और व्यवस्थित करने की जिम्मेदारी अलग-अलग सदस्यों को सौंप दी गई है ताकि कार्यक्रम में कोई कमी न रहे। स्थानीय प्रशासन और समाज के अन्य वर्गों से भी इस आयोजन में सहयोग की अपील की गई है। जमशेदपुर का केबल मुखी समाज सदैव अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों को निभाने में अग्रणी रहा है और यह आने वाला आयोजन भी इसी दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।

