
लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
पूर्व बीडीओ ने शहीद गणेश हांसदा के परिजनों को किया सम्मानित करने का कार्यक्रम दीपावली के पावन पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। यह आयोजन देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीद गणेश हाँसदा के परिवार के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करने के उद्देश्य से संपन्न हुआ। उपायुक्त के निर्देशानुसार, बहरागोड़ा स्थित प्रखण्ड कार्यालय में यह विशेष समारोह आयोजित किया गया था।
शहीद गणेश हांसदा के परिजनों को किया सम्मानित
इस अवसर पर प्रखण्ड विकास पदाधिकारी श्री केशव भारती ने गलवान घाटी में शहीद हुए गणेश हाँसदा के पिता श्री सुबदा हाँसदा और माता श्रीमति कापरा हाँसदा को शॉल एवं मिठाई भेंटकर सम्मानित किया। उन्होंने शहीद के माता-पिता के चरणों में अपना सम्मान अर्पित करते हुए कहा कि पूरा देश उनकी शहादत पर गर्व महसूस करता है।
शहीद गणेश हाँसदा ने जिस अदम्य साहस और वीरता का परिचय दिया, वह भारत के हर नागरिक के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी शहादत ने देश को यह संदेश दिया है कि सीमाओं की रक्षा के लिए हमारे वीर सैनिक किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। बहरागोड़ा प्रखण्ड प्रशासन के इस प्रयास ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि स्थानीय स्तर पर भी प्रशासन शहीदों के परिवारों के दुख और गौरव में उनके साथ खड़ा है।
इस कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय गणमान्य लोग भी मौजूद थे। सभी ने शहीद गणेश हाँसदा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और नमन किया। दीपावली जैसे खुशियों के त्योहार पर शहीदों के परिवार को सम्मानित करना, प्रशासन की एक अत्यंत संवेदनशील पहल मानी जा रही है।
प्रखण्ड विकास पदाधिकारी केशव भारती ने परिजनों को आश्वस्त किया कि उनकी हर संभव सहायता की जाएगी। उन्होंने शहीद के पिता से हालचाल जाना और उनके स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने जोर दिया कि शहीद का परिवार हमारे लिए सर्वोच्च है।
शहीद गणेश हाँसदा ने अपने कर्तव्य के निर्वहन के दौरान अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान दिया। गलवान घाटी में हुई उस ऐतिहासिक घटना के दौरान वे भारतीय सेना की टुकड़ी में शामिल थे। उनकी बहादुरी को याद करते हुए आज स्थानीय लोगों की आंखें भी नम थीं।
मुख्य बिंदु:
- शहीद गणेश हाँसदा ने देश की रक्षा के लिए गलवान में प्राण न्योछावर किए।
- बहरागोड़ा प्रशासन द्वारा दीपावली के अवसर पर उनके परिवार को विशेष सम्मान दिया गया।
- बीड़ीओ केशव भारती ने शहीद के माता-पिता को शॉल और मिठाई भेंट की।
- यह सम्मान समारोह शहीद के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का एक माध्यम था।
- स्थानीय निवासियों ने प्रशासन के इस कदम की सराहना की है।
वीर शहीद का परिवार आज भी अपने बेटे की बहादुरी पर गर्व महसूस करता है। हालांकि, उनका जाना एक ऐसी क्षति है जिसे कभी पूरा नहीं किया जा सकता, लेकिन समाज और प्रशासन द्वारा किया गया यह सम्मान उन्हें मजबूती देता है। बहरागोड़ा के हर निवासी के लिए गणेश हाँसदा एक नायक की तरह हैं। आने वाली पीढ़ियां उनकी वीरता की कहानियां हमेशा याद रखेंगी।
पूरा कार्यक्रम अत्यंत भावुक वातावरण में संपन्न हुआ। शहीद के पिता सुबदा हाँसदा ने कहा कि उनका बेटा देश का गौरव था और वे अपने बेटे के बलिदान को देश की सबसे बड़ी सेवा मानते हैं। समाज के सभी वर्गों ने शहीद परिवार के साथ सहानुभूति और एकता का परिचय दिया। ऐसे आयोजनों से शहीदों के परिवारों को यह महसूस होता है कि वे अकेले नहीं हैं, बल्कि पूरा राष्ट्र उनके साथ है।

