

जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में PDS यानी जनवितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुचारू बनाने की कवायद तेज हो गई है। सोमवार को सिदगोड़ा टाउन हॉल में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला सह समीक्षा बैठक में जिले भर के करीब एक हजार राशन डीलर जुटे। इस महाबैठक का मकसद सिर्फ समीक्षा नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर आ रही दिक्कतों को सुनकर उनका त्वरित समाधान निकालना था। जिला आपूर्ति पदाधिकारी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राज्य खाद्य निगम के जिला प्रबंधक समेत शेयर प्राइस डीलर एसोसिएशन के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
PDS व्यवस्था में पारदर्शिता लाने पर जोर
बैठक की शुरुआत करते हुए जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने कहा कि PDS गरीबों की जीवन रेखा है और इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने डीलरों से आह्वान किया कि वे ईमानदारी से वितरण करें, प्रशासन उनके साथ खड़ा है। इस मौके पर शेयर प्राइस डीलर एसोसिएशन के जिला महासचिव प्रमोद गुप्ता ने डीलरों की व्यावहारिक दिक्कतों को मजबूती से रखा। उन्होंने कहा कि डीलर गांव-गांव तक अनाज पहुंचाने वाला अंतिम व्यक्ति है, उसकी समस्या विभाग की समस्या है। अधिकारियों ने विभाग और डीलर एसोसिएशन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया।
सम्मान समारोह: छह माह से शिकायत मुक्त डीलर पुरस्कृत
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक पहलू रहा उत्कृष्ट कार्य करने वाले डीलरों का सम्मान। पिछले छह महीनों से बिना किसी शिकायत के बेहतर एवं पारदर्शी तरीके से कार्य करने वाले चयनित डीलरों को मंच पर बुलाकर प्रशस्ति पत्र, डायरी, पौधा एवं शॉल देकर सम्मानित किया गया। यह पहल दूसरे डीलरों के लिए प्रेरणा बनी। एक सम्मानित डीलर ने भावुक होते हुए कहा, “पहली बार लगा कि हमारी मेहनत देखी जा रही है। यह सम्मान हमें और जिम्मेदारी का अहसास कराता है।” अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह सम्मान किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि पारदर्शी कार्यशैली का सम्मान है।
डीलरों ने उठाई सर्वर व खाद्यान्न की समस्या
सम्मान के बाद शुरू हुए खुले सत्र में डीलरों ने दिल खोलकर अपनी पीड़ा बताई। सबसे बड़ी शिकायत सर्वर की धीमी गति और बार-बार डाउन होने की रही। डीलरों ने कहा कि बायोमेट्रिक सत्यापन में सर्वर फेल होने पर लाभार्थी लौट जाते हैं और अगले दिन फिर नहीं आते। इसके अलावा समय पर खाद्यान्न उपलब्ध नहीं होने और गोदाम से दुकान तक ढुलाई भाड़े की विसंगति का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। एक डीलर ने कहा, “हम अपनी जेब से भाड़ा देकर अनाज ढोते हैं, भुगतान महीनों लटका रहता है।” अधिकारियों ने धैर्यपूर्वक हर शिकायत सुनी और सर्वर अपग्रेडेशन तथा खाद्यान्न आपूर्ति चेन दुरुस्त करने का ठोस आश्वासन दिया।
बेहतर समन्वय से मजबूत होगी वितरण व्यवस्था
बैठक के समापन सत्र में यह तय हुआ कि अब हर महीने प्रखंड स्तर पर ऐसी समीक्षा बैठकें होंगी, ताकि छोटी-छोटी समस्याएं जिला मुख्यालय तक न आएं। जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने डीलरों को आश्वस्त किया कि उनके मानदेय और भाड़ा भुगतान के लंबित मामलों का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर होगा। उन्होंने झारखंड खाद्य विभाग के पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी समझाई। सिदगोड़ा टाउन हॉल से निकला यह संदेश साफ था: PDS को सुदृढ़ बनाने के लिए विभाग और डीलर, दोनों को एक कंधे पर बोझ उठाना होगा। इस बैठक ने न सिर्फ समस्याओं को उजागर किया, बल्कि समाधान की राह भी दिखाई।

