लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
बेगूसराय जिले के वीरपुर प्रखंड में शनिवार को जनता दरबार का आयोजन किया गया जिसमें स्थानीय ग्रामीणों की भूमि संबंधी समस्याओं का त्वरित निपटारा किया गया। अंचल प्रशासन की इस पहल से ग्रामीणों में न्याय के प्रति विश्वास बढ़ा है। अंचलाधिकारी भाई वीरेंद्र की अध्यक्षता में लगे इस शिविर में फरियादियों की भारी भीड़ उमड़ी थी। प्रशासनिक स्तर पर इस तरह के आयोजन ग्रामीण स्तर पर विवादों को कम करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
वीरपुर अंचल कार्यालय में जनता दरबार का आयोजन
अंचल क्षेत्र के विभिन्न गांव से आए जमीन संबंधित विवादों को निपटारे के निपटारे को लेकर पूर्व से निर्धारित कार्यक्रम के तहत शनिवार को वीरपुर अंचल कार्यालय में अंचलाधिकारी भाई वीरेंद्र के अध्यक्षता में जनता दरवार लगाया गया।
जिसमें तीन विवादों को लेकर दोनों पक्षों ने अपना अपना पक्ष रखा जिसमें पहल करते हुए एक मामले को आपसी समझौते के आधार पर निष्पादित किया गया। मौके पर अंचल कर्मी सहित फरियादी मौजूद थे।
भूमि विवादों के निपटारे में अंचल प्रशासन की सक्रियता
अंचलाधिकारी भाई वीरेंद्र ने इस अवसर पर कहा कि भूमि विवाद ग्रामीण क्षेत्रों में तनाव का प्रमुख कारण बनते हैं। जनता दरबार के माध्यम से दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर समझौता कराने का प्रयास किया जाता है। इससे न्यायालय पर मुकदमों का बोझ भी कम होता है और ग्रामीणों को सुलभ न्याय मिलता है। शनिवार को लगे शिविर में कुल तीन मामले सुनवाई के लिए आए थे जिनमें से एक मामले का तत्काल निष्पादन समझौते के आधार पर कर दिया गया।
शेष दो मामलों में दोनों पक्षों से आवश्यक कागजात की मांग की गई है तथा अगली तिथि पर उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। अंचल कार्यालय के कर्मियों में राजस्व कर्मचारी, अंचल निरीक्षक एवं अन्य स्टाफ मौजूद रहकर फरियादियों की सहायता करते देखे गए। वीरपुर प्रखंड के विभिन्न पंचायतों से आए फरियादियों ने अंचल प्रशासन की इस पहल की सराहना की है।
ग्रामीण स्तर पर विवाद मुक्त समाज की ओर कदम
बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निर्देशानुसार प्रत्येक शनिवार को अंचल स्तर पर जनता दरबार लगाने का प्रावधान है। इसका मुख्य उद्देश्य भूमि संबंधी विवादों का ऑन द स्पॉट निपटारा करना है। वीरपुर अंचल में इस व्यवस्था का अनुपालन गंभीरता से किया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीण राम कुमार सिंह ने बताया कि पहले छोटे-छोटे विवाद के लिए भी कोर्ट-कचहरी का चक्कर लगाना पड़ता था लेकिन अब अंचल कार्यालय में ही सुनवाई हो जाने से समय और धन दोनों की बचत होती है।
अंचलाधिकारी ने बताया कि आज निष्पादित मामला सीमांकन विवाद से जुड़ा था जिसमें दोनों पक्ष आपसी सहमति से सीमा निर्धारण पर राजी हो गए। इस समझौते को लिखित रूप में दर्ज कर दोनों पक्षों को प्रति उपलब्ध करा दी गई है। प्रशासन का प्रयास है कि अधिक से अधिक मामलों का निपटारा समझौते के आधार पर हो ताकि सामाजिक सौहार्द बना रहे। बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इस संबंध में दिशा-निर्देश उपलब्ध हैं।
आने वाले शनिवार को भी इसी क्रम में जनता दरबार का आयोजन किया जाएगा। अंचल प्रशासन ने सभी संबंधित पक्षों से अपील की है कि वे अपने भूमि संबंधी कागजात दुरुस्त रखें और विवाद की स्थिति में अंचल कार्यालय से संपर्क करें। इस पहल से वीरपुर अंचल क्षेत्र में भूमि विवाद के मामलों में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

