अक्टूबर में दिसंबर जैसा अहसास – बखरी में बारिश से लौटी गुलाबी ठंड, किसानों के चेहरे खिले
राष्ट्र संवाद संवाददाता
*बखरी (बेगूसराय)।* बखरी सहित पूरे प्रखंड क्षेत्र में मौसम ने अचानक ऐसी करवट ली कि अक्टूबर में ही दिसंबर जैसी गुलाबी ठंड का अहसास होने लगा। शुक्रवार रात से आसमान में डेरा डाले काले बादलों और सनसनाती ठंडी हवाओं के बाद शनिवार सुबह से झमाझम बारिश शुरू हो गई।
बारिश की फुहारों और ठंडी बयार ने लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत दिलाई। सड़कों पर निकले लोग अचानक हुई बारिश में तरबतर हो गए, तो घरों में लोगों ने पंखे-कूलर बंद कर दिए। शाम होते-होते ठंड का असर और बढ़ गया और लोगों ने हल्के गर्म कपड़े निकाल लिए। शहर से लेकर गांव तक हर कोई सुहावने मौसम का लुत्फ उठाता दिखा।
*धान की फसल के लिए वरदान बनी बारिश*
यह बारिश किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। पिछले कई दिनों से बारिश न होने से खेतों की नमी खत्म हो रही थी और किसान धान की फसल को बचाने के लिए महंगे डीजल से पटवन करने को मजबूर थे।
ऐसे में हुई इस बारिश ने धान के खेतों को जीवनदान दे दिया है। इस समय धान में बालियां निकलने लगी हैं और दाने भरने का समय है, जिसमें नमी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। प्राकृतिक बारिश मिलने से न सिर्फ किसानों का हजारों रुपये का पटवन खर्च बच गया है, बल्कि पैदावार बढ़ने की उम्मीद से किसानों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है।

