18 करोड़ के कथित कर घोटाले में पान मसाला कारोबारी न्यायिक हिरासत में
*डीजीजीआई की जांच में बिना पंजीकरण उत्पादन का आरोप, परिसर से पैकिंग की नौ मशीनें बरामद*
राष्ट्र संवाद संवाददाता, जमशेदपुर
पान मसाला और जर्दा के कथित अवैध उत्पादन से जुड़े करीब 18 करोड़ रुपये के कर अपवंचन मामले में जमशेदपुर की आर्थिक अपराध अदालत ने आरोपी मनीष राय को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले में जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय (डीजीजीआई) की जमशेदपुर क्षेत्रीय इकाई ने कार्रवाई की है।
बताते हैं कि जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि कंपनी बिना आवश्यक विभागीय पंजीकरण के ‘करमचंद पान मसाला’ और जर्दा सहित अपंजीकृत ब्रांडों का उत्पादन कर रही थी। तलाशी के दौरान परिसर से पान मसाला और जर्दा की पैकिंग में इस्तेमाल होने वाली नौ मशीनें बरामद की गईं।
मामले में अदालत के समक्ष पक्ष रखते हुए अधिवक्ता प्रियंका सिंघल ने सरकारी कर, स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर और केंद्रीय उत्पाद शुल्क के भुगतान में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। रिपोर्ट के मुताबिक, इससे सरकारी राजस्व को लगभग 18 करोड़ रुपये का नुकसान होने का आरोप है। अवैध उत्पादन को सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बताया गया है।
रिपोर्ट में अधिवक्ता सिंघल के हवाले से दावा किया गया है कि वर्ष 2025 में लागू स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम के तहत यह झारखंड का पहला मामला है। फिलहाल मामले में जांच जारी है। आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा।

