मगध में CISF-CCL की बड़ी कार्रवाई, 5 हाइवा जब्त, करीब 250 टन कोयला बरामद
रात के अंधेरे में कोयला चोरी कर जंगल में किया जा रहा था डंप, चालक मौके से फरार
राष्ट्र संवाद संवाददाता
चतरा: कोयला चोरी और अवैध रूप से कोयला जमा किए जाने के खिलाफ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और CCL की संयुक्त टीम ने सोमवार तड़के बड़ी कार्रवाई की। ओझा टांडी गांव के समीप जंगल क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई में टीम ने 5 हाइवा वाहनों को जब्त करते हुए करीब 250 टन कोयला बरामद किया है।
जानकारी के अनुसार, संयुक्त टीम को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि रात्रि के समय हाइवा वाहनों के माध्यम से कोयला डंप से चोरी कर कोयले को जंगल क्षेत्र में छिपाकर अवैध रूप से जमा किया जा रहा है। सूचना के आधार पर CISF एवं CCL की टीम ने तड़के करीब 3 बजे समन्वित तरीके से छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान CISF की टीम को देखते ही हाइवा वाहनों के चालक मौके से फरार हो गए। क्षेत्र की दुर्गम भौगोलिक स्थिति के कारण वाहनों को मौके से निकालना भी संभव नहीं हो सका। इसके बाद CISF टीम ने सभी पांचों हाइवा वाहनों को जब्त कर लिया। जब्त वाहनों और बरामद कोयले को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए बालूमाथ थाना को सुपुर्द कर दिया गया है। मामले में प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज की गई है। यह कार्रवाई सहायक कमांडेंट सुभाष कुमार एवं हर्षा लवानिया के नेतृत्व में तथा उप निरीक्षक हलदर एवं अभिषेक की सहभागिता से, कमांडेंट अमित कुमार के सक्षम मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई के दौरान N.K. Piparwar की ओर से भी सक्रिय सहयोग एवं समन्वय प्राप्त हुआ।
गठन के बाद दूसरी बड़ी कार्रवाई
उल्लेखनीय है कि CISF यूनिट CCL मगध एवं आम्रपाली का औपचारिक गठन/प्रवेश 19 सितंबर 2026 को हुआ था। इसके बाद अल्प अवधि में यह यूनिट द्वारा की गई दूसरी बड़ी छापेमारी एवं कार्रवाई है। लगातार हो रही कार्रवाई से कोयला चोरी और अवैध कोयला कारोबार में शामिल तत्वों के बीच हड़कंप की स्थिति है। CISF की तैनाती का उद्देश्य देश के प्रमुख कोयला उत्पादक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ कोयला चोरी एवं पिल्फरेज पर प्रभावी अंकुश लगाना और ‘Zero Coal Leakage’ के लक्ष्य को लागू करना है।
CISF ने स्पष्ट किया है कि कोयला चोरी एवं अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। CISF, CCL, स्थानीय प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान तथा संयुक्त अभियानों के माध्यम से कोयला चोरी एवं पिल्फरेज की रोकथाम के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

