एसआईआर को लेकर पोटका प्रखंड मुख्यालय में संजीव सरदार ने सुनी जनता की समस्याएं
नाम कटने, नोटिस और दस्तावेजों से जुड़ी परेशानियों पर ग्रामीणों से की सीधी बातचीत, अधिकारियों को समाधान के निर्देश
राष्ट्र संवाद संवाददाता
पोटका : विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर पोटका प्रखंड मुख्यालय में पोटका विधायक संजीव सरदार पहुंचे और क्षेत्र के ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान नाम कटने की आशंका, नोटिस मिलने तथा आवश्यक दस्तावेजों से जुड़ी विभिन्न परेशानियों से विधायक को अवगत कराया। विधायक ने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
नाम कटने और दस्तावेजों को लेकर ग्रामीणों की चिंता
ग्रामीणों ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में दस्तावेजों से संबंधित कई तरह की दिक्कतें सामने आ रही हैं। कई लोगों को नोटिस मिलने तथा मतदाता सूची में नाम को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस पर विधायक संजीव सरदार ने कहा कि SIR के नाम पर आम जनता को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाने की जरूरत है, ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति को परेशानी न हो।

विधायक बोले : हर पात्र मतदाता के अधिकार की रक्षा हो
संजीव सरदार ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उससे निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने, दस्तावेजों तथा जातिगत जनगणना से जुड़ी प्रक्रियाओं को लेकर जनता के बीच कई तरह की असुविधाएं सामने आ रही हैं। विधायक ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाओं को किसी सरकार के पक्ष में नहीं, बल्कि संविधान और जनता के हित में निष्पक्ष होकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता के अधिकार और मताधिकार से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।

ग्रामीणों की मदद के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय रहने का निर्देश
विधायक ने पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से कहा कि वे एसआईआर को लेकर गांव-गांव में लोगों के संपर्क में रहें और जिन ग्रामीणों को नोटिस या दस्तावेजों से संबंधित परेशानी हो रही है, उनकी मदद करें। उन्होंने कहा कि लोगों को सही जानकारी उपलब्ध कराने के साथ संबंधित अधिकारियों तक उनकी समस्याएं पहुंचाई जाएं, ताकि समय रहते उनका समाधान हो सके। संजीव सरदार ने आश्वस्त किया कि जनता के अधिकारों और मताधिकार की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज उठाई जाएगी तथा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से उत्पन्न समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक पहल जारी रहेगी।

