Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » दिनकर जयंती समारोह: स्वामी चिदात्मन ने की अमृत सरोवर में दिनकर की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की मांग
    Headlines खबरें राज्य से धर्म पटना बिहार बेगूसराय मुंगेर मुजफ्फरपुर समस्तीपुर साहित्य

    दिनकर जयंती समारोह: स्वामी चिदात्मन ने की अमृत सरोवर में दिनकर की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की मांग

    Devanand SinghBy Devanand SinghSeptember 14, 2026No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    दिनकर जयंती समारोह
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    दिनकर जयंती समारोह के अवसर पर सिमरिया में आयोजित भव्य कार्यक्रम में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की आदमकद प्रतिमा को अमृत सरोवर के बीच स्थापित करने की पुरजोर मांग उठी।

    सिमरिया की पावन भूमि पर आयोजित दिनकर जयंती समारोह ने एक बार फिर राष्ट्रकवि की कालजयी रचनाओं और उनके व्यक्तित्व को स्मरण करने का अवसर प्रदान किया। इस दो दिवसीय समारोह के पहले दिन साहित्य, अध्यात्म और समाज के विभिन्न क्षेत्रों के विद्वानों ने दिनकर के कृतित्व पर गहन विमर्श किया।

    दिनकर जयंती समारोह के प्रमुख वक्तव्य

    जयंती समारोह का प्रथम दिवस सिमरिया में मनाई गई।

    बीहट। राष्ट्रकवि दिनकर की आदमकद प्रतिमा अमृत सरोवर के बीच सिमरिया में स्थापित होनी चाहिए। इस स्वरूप के लिए उचित स्थान सिमरिया का गोलंबर है। मिथिला की सीमा पर बसा सिमरिया धर्म, अध्यात्म और साहित्य की भूमि है।

    ये बातें रविवार को सर्वमंगला अध्यात्म योग विद्यापीठ सिमरिया धाम में दिनकर जयंती समारोह के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए स्वामी चिदात्मन महाराज ने कही। उन्होंने कहा कि दिनकर विश्वकवि हैं। उनके ज्ञान से सिमरिया आने वाले देशभर के संत श्रद्धालू ज्ञान के प्रकाश से आलोकित होंगे।

    दिनकर स्मृति विकास समिति के तत्वावधान में आयोजित 118वीं दिनकर जयंती के पहले दिन बीएचयू के प्रो रामाज्ञा शशिधर ने कहा कि दिनकर मूर्ति नहीं विचार हैं। मूर्ति वही जिंदा रहती है जिसमें विचार व स्वप्न जिंदा रहता है। सिमरिया घाट बाया व गंगा का संगम है। यहां साहित्यिक नवजागरण का एक केंद्र बनता जा रहा है। दक्षिण भारत में महान कवि तिरूवल्लुवर का जो सम्मान है वही सम्मान दिनकर का सिमरिया में है।

    साहित्यकार उमेश कुंवर कवि ने कहा कि अगर श्रीकृष्ण सिंह और रामचरित्र सिंह होते तो वे दोनों एक सुर में दिनकर की मूर्ति लगाने की वकालत करते। मूर्ति को लेकर उठे विवाद को खत्म करना ही बेगूसराय के सेहत के लिए अच्छा है। दिनकर सर्वोपरि हैं और उनकी मूर्ति ही सिमरिया सिक्स लेन गोलंबर पर लगनी चाहिए।

    शिक्षाविद् संतोष ईश्वर ने कहा कि दिनकर ने संघर्ष करते हुए जीवन में नई उंचाईयों को प्राप्त किया। साहित्यकार आनंद शंकर ने कहा कि दिनकर साहित्य साधना से किसानों व मजदूरों को जगाने का काम किया।

    दिनकर पुस्तकालय के सचिव संजीव फिरोज ने कहा कि कुछ लोग सिमरिया सिक्स लेन गोलंबर को मल्हीपुर गोलंबर कह कर दिगभ्रमित करने का काम कर रहे हैं। दिनकर की प्रतिमा ही सिमरिया गोलंबर पर लगेगी।

    कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण प्रियदर्शी, स्वागत भाषण रामनाथ सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन विश्वंभर सिंह ने किया।

    कार्यक्रम के दूसरे सत्र में वरिष्ठ कवि प्रफुल्ल मिश्र, रमा मौसम, विद्यासागर ब्रह्मचारी, राजीव रंजन, विनोद बिहारी, एके मनीष आदि ने कविता पाठ किया।

    वहीं मौके पर कृष्ण कुमार शर्मा, प्रदीप कुमार, अमरदीप सुमन, जितेन्द्र झा, राजेन्द्र राय, दीनबंधु कुमार, कृष्ण मुरारी, रोचकानंद वत्स, गुलशन कुमार, संजीव कुमार राय, अमन गौतम, सूरज कुमार, अजीत कुमार, अमित कुमार समेत सैकड़ों लोग उपस्थित थे।

    समारोह के सफल आयोजन ने सिमरिया को साहित्यिक नवजागरण के केंद्र के रूप में पहचान दिलाई है। आयोजकों ने घोषणा की कि आने वाले वर्षों में दिनकर जयंती को और अधिक भव्यता के साथ मनाया जाएगा, जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर के विद्वानों को आमंत्रित किया जाएगा। दिनकर की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए अमृत सरोवर में प्रतिमा स्थापना के अलावा एक भव्य स्मारक संग्रहालय की स्थापना की भी योजना है। इस प्रकार दिनकर जयंती समारोह ने सिमरिया को साहित्यिक तीर्थ के रूप में पुनर्स्थापित करने का संकल्प दोहराया। दिनकर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रतिमा स्थापना के साथ-साथ शोध केंद्र विकसित करने की योजना भी प्रस्तावित की गई।

    अमृत सरोवर दिनकर जयंती बेगूसराय सिमरिया स्वामी चिदात्मन
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleसाइकिल पे संडे की शानदार पहल: पिपरा देवस में 100 पौधों का वितरण
    Next Article बहरागोड़ा के कोटशोल सार्वजनिक गणेश पूजा में उमड़ी भक्तों की भीड़

    Related Posts

    ट्रांसपोर्ट नगर में 17 सितंबर से विश्वकर्मा पूजा, 19 को शहनाज अख्तर का भक्ति कार्यक्रम

    September 15, 2026

    जमशेदपुर की कानून व्यवस्था और सड़क हादसों पर कल्कि सेना ने जताई चिंता

    September 15, 2026

    XLRI के दीक्षांत समारोह में 129 विद्यार्थियों को मिली उपाधि

    September 15, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    ट्रांसपोर्ट नगर में 17 सितंबर से विश्वकर्मा पूजा, 19 को शहनाज अख्तर का भक्ति कार्यक्रम

    जमशेदपुर की कानून व्यवस्था और सड़क हादसों पर कल्कि सेना ने जताई चिंता

    XLRI के दीक्षांत समारोह में 129 विद्यार्थियों को मिली उपाधि

    “खनिज हमारा, अधिकार तुम्हारा नहीं चलेगा”, केंद्र की नीतियों के खिलाफ 19 सितंबर को पोटका विधानसभा की एक एक जनता करेगी प्रदर्शन : संजीव सरदार

    भोलानाथ चौधरी की पुण्यतिथि पर झामुमो नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

    बरियारपुर पूर्वी में विशेष सहयोग शिविर, तीन शिकायतों का त्वरित निष्पादन

    ‘अबुआ मित्र’ व्हाट्सएप चैटबॉट शुरू, घर बैठे दर्ज करा सकेंगे शिकायत

    शिवम एन्क्लेव में 17 सितंबर को धूमधाम से होगी विश्वकर्मा पूजा, भोजपुरी स्टार अंकुश राजा बिखेरेंगे सुरों का जादू

    सीतारामडेरा में अतिक्रमण और बेतरतीब पार्किंग से परेशानी, कार्रवाई की मांग

    काशीडीह हाई स्कूल में प्रतिभा सम्मान समारोह, मेधावी छात्रों और खिलाड़ियों का सम्मान

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.