बिहार के बेगूसराय जिले के खोदावंदपुर प्रखंड अंतर्गत बरियारपुर पूर्वी पंचायत में मंगलवार को आयोजित विशेष सहयोग शिविर ग्रामीण शासन की दिशा में एक सराहनीय कदम साबित हुआ। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर ही त्वरित निष्पादन करना था, जिससे उन्हें जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। प्रशासन की इस पहल ने ग्रामीणों में एक नई आशा का संचार किया है।
विशेष सहयोग शिविर की अवधारणा बिहार सरकार की ग्रामीण विकास योजनाओं का एक अभिन्न अंग है, जिसके तहत पंचायत स्तर पर ही विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित होकर जनसमस्याओं का त्वरित समाधान करते हैं। यह न केवल समय की बचत करता है बल्कि पारदर्शिता भी सुनिश्चित करता है। बरियारपुर पूर्वी में आयोजित यह शिविर इसी कड़ी का एक सफल उदाहरण है।
विशेष सहयोग शिविर में तीन शिकायतों का त्वरित निष्पादन
खोदावंदपुर/बेगूसराय। बरियारपुर पूर्वी पंचायत में मंगलवार को विशेष सहयोग शिविर का आयोजन किया गया।
पंचायत सरकार भवन में आयोजित शिविर में ग्रामीणों की विभिन्न जनसमस्याओं एवं शिकायतों की सुनवाई की गयी।
शिविर में प्राप्त कुल तीन आवेदन का संबंधित पदाधिकारियों ने त्वरित निष्पादन किया।
बीडीओ मिथिलेश बिहारी वर्मा ने बताया कि विशेष सहयोग शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।
शिविर में आए ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से सुना गया तथा संबंधित विभाग के पदाधिकारियों के माध्यम से मौके पर ही मामलों का निष्पादन किया गया।
शिविर में प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी संदीप कुमार, प्रखंड कृषि पदाधिकारी रश्मि कुमारी, प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी पंकज कुमार, विद्युत विभाग के कनीय अभियंता पवन कुमार, पंचायत के मुखिया मोहम्मद माजिद हुसैन, पंचायत सचिव वीर अभिमन्यु, आवास सहायक अभिषेक कुमार, पंचायत रोजगार सेवक संजीत कुमार, कृषक सलाहकार कंचन कुमारी सहित विभिन्न विभागों के कर्मी मौजूद थे।
उपस्थित अधिकारियों ने ग्रामीणों से की अपील
पदाधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं एवं शिकायतों को विशेष सहयोग शिविर के माध्यम से संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखें, ताकि उनका समय पर समाधान कराया जा सके।
शिविर के सफल आयोजन पर स्थानीय ग्रामीणों ने प्रसन्नता व्यक्त की और प्रशासन के इस प्रयास की सराहना की। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे शिविर नियमित अंतराल पर आयोजित होने चाहिए ताकि उनकी समस्याओं का समाधान उनके द्वार पर ही हो सके। विशेष सहयोग शिविर की इस पहल ने यह साबित कर दिया कि यदि प्रशासन संवेदनशील हो तो ग्रामीण भारत की तस्वीर बदली जा सकती है।
बीडीओ मिथिलेश बिहारी वर्मा ने शिविर के समापन पर सभी उपस्थित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को धन्यवाद दिया और भविष्य में भी इसी तत्परता से कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे अपनी समस्याओं को खुलकर सामने रखें, प्रशासन हर संभव सहायता के लिए तत्पर है। इस शिविर की सफलता से प्रेरित होकर जिले के अन्य पंचायतों में भी ऐसे आयोजन की योजना बनाई जा रही है।
अंत में, विशेष सहयोग शिविर न केवल एक प्रशासनिक कवायद है बल्कि यह सुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। बरियारपुर पूर्वी पंचायत का यह आयोजन अन्य पंचायतों के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करता है। आशा है कि भविष्य में भी ऐसे शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों के चेहरे पर मुस्कान लाई जाती रहेगी। अधिक जानकारी के लिए बिहार सरकार आधिकारिक पोर्टल देखें।

