बखरी-बेगूसराय। बाबा गरीब नाथ गणेश मेला समिति की ओर से मंगलवार को मंगल ध्वज यात्रा निकाली गई। यात्रा का शुभारंभ मंदिर परिसर से हुआ, जो अंबेडकर चौक, कर्पूरी चौक, महादेव स्थान चौक होते हुए नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरी।
मंगल ध्वज यात्रा का भव्य आयोजन और श्रद्धालुओं का उत्साह
यात्रा में सैकड़ों की संख्या में महिलाएं एवं श्रद्धालु गणेश पताका लेकर शामिल हुए। इस दौरान ‘गणपति बप्पा मोरिया’ के जयघोष से पूरा नगर गुंजायमान हो उठा। यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। भक्तिमय माहौल में नाचते-गाते श्रद्धालुओं का काफिला जब नगर के मुख्य मार्गों से गुजरा तो वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय हो गया। जगह-जगह पर स्थानीय नागरिकों द्वारा पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया।
मेला परिसर में मनोरंजन और खरीदारी की धूम
गणेश मेला को लेकर मंदिर परिसर में झूला, मीना बाजार सहित विभिन्न प्रकार के मनोरंजन एवं खरीदारी के स्टॉल लगाए गए हैं। मेला परिसर में लगे झूले और मीना बाजार लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर मेला समिति की ओर से आवश्यक तैयारियां भी की गई हैं। मेले में बच्चों के लिए झूले, खाने-पीने के स्टॉल के साथ-साथ घरेलू उपयोग की वस्तुओं की दुकानें सजी हुई हैं, जिससे मेले में रौनक बनी हुई है।
समिति के पदाधिकारियों की रही अहम भूमिका
मौके पर मेला संयोजक दिलीप केशरी, अध्यक्ष विजय नेमानी, सचिव सुरेंद्र केशरी, सह-संयोजक नीरज नवीन, पंकज केशरी, उपाध्यक्ष चंद्र देव शर्मा, सन्नी गुप्ता, सोनू गुप्ता, राम प्रताप साह, रवि राजन, विनोद चौधरी, मनोज साह, श्रवण साह, संतोष साह, रामा तांती, मोहन ठाकुर सहित समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। समिति के सदस्यों ने यात्रा के सफल संचालन के लिए यातायात व्यवस्था से लेकर पेयजल तक का इंतजाम किया था।
धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व
मंगल ध्वज यात्रा का आयोजन प्रतिवर्ष गणेश चतुर्थी के अवसर पर बाबा गरीब नाथ गणेश मेला समिति द्वारा किया जाता है। इस यात्रा का उद्देश्य नगर में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करना है। मान्यता है कि इस यात्रा में शामिल होने से भगवान गणेश भक्तों के विघ्न हरते हैं। बखरी का यह ऐतिहासिक मेला आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी आस्था का प्रमुख केंद्र है। अधिक जानकारी के लिए आप गणेश चतुर्थी का इतिहास देख सकते हैं।
स्थानीय प्रशासन द्वारा भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई, जिससे प्रशासन और समिति दोनों ने राहत की सांस ली।

