
मंगलवार को पंचायत भवन मंसूरचक में सहयोग शिविर का आयोजन किया गया।
सहयोग शिविर में अधिकारियों की उपस्थिति और शिकायतों की समीक्षा
जिसमें अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, तेघड़ा सह प्रखंड प्रभारी पदाधिकारी शकील अहमद की उपस्थिति में मंसूरचक प्रखंड से आये हुए लोगों के द्वारा कुल 10 प्राप्त शिकायत आवेदन की समीक्षा करते हुए उसे प्राप्त किया गया।
जिसमें बताया गया कि सभी प्राप्त आवेदन का 30 दिनों के भीतर समाधान किया जाएगा।
सहयोग शिविर में ग्रामीणों से अपील
एवं मंसूरचक के लोगों से अपील की गई कि आप सभी प्रत्येक माह होने वाले सहयोग शिविर में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें ताकि आप सभी के द्वारा दिए गए आवेदन में सभी समस्याओं का निराकरण समय से किया जा सके।
प्राप्त आवेदनों का वर्गीकरण
उक्त सहयोग शिविर में जमीन से संबंधित आवेदन, नल जल योजना से संबंधित आवेदन, विद्युत विभाग से संबंधित आवेदन, एवं समाज कल्याण विभाग से संबंधित आवेदन प्राप्त हुआ।
उपस्थित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि
उक्त सहयोग शिविर में किरण मंडल प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, मोहम्मद महताब बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, सौरभ सुमन प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, कविता कुमारी कनीय अभियंता लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग एवं कनीय विद्युत अभियंता मंसूरचक तथा मंसूरचक पंचायत के मुखिया यासमीन उपस्थित थे।
जन समस्याओं के त्वरित निदान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
बेगूसराय जिले के मंसूरचक प्रखंड मुख्यालय स्थित पंचायत भवन में आयोजित इस सहयोग शिविर को जिला प्रशासन की ओर से ग्रामीण स्तर पर शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी शकील अहमद ने स्वयं उपस्थित होकर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना, जिससे स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है।

शिविर में प्राप्त 10 आवेदनों में अधिकांश भूमि विवाद, पेयजल आपूर्ति, बिजली कनेक्शन एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं से जुड़े थे। पदाधिकारियों ने मौके पर ही संबंधित विभाग के कनीय अभियंताओं को तलब कर समस्याओं के तकनीकी पहलुओं को समझा और 30 दिनों की समयसीमा तय की। यह समयसीमा बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप है।
प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी किरण मंडल ने बताया कि पंचायत स्तर पर इस तरह के शिविरों का आयोजन नियमित रूप से किया जाएगा ताकि ग्रामीणों को प्रखंड या जिला मुख्यालय का चक्कर न लगाना पड़े। बाल विकास परियोजना पदाधिकारी मोहम्मद महताब ने समाज कल्याण विभाग से संबंधित लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे का भरोसा दिलाया।
स्वास्थ्य प्रबंधक सौरभ सुमन ने ग्रामीणों को आयुष्मान भारत योजना एवं स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी। वहीं, पीएचईडी की कनीय अभियंता कविता कुमारी ने नल-जल योजना से जुड़ी शिकायतों के तकनीकी सर्वेक्षण का आदेश दिया। विद्युत विभाग के कनीय अभियंता ने खराब ट्रांसफार्मर एवं लो-वोल्टेज की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने का आश्वासन दिया।
मुखिया यासमीन ने कहा कि पंचायत स्तर पर अधिकारियों की सीधी पहुंच से पारदर्शिता आती है और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने दस्तावेज तैयार रखें ताकि अगले शिविर में उनके मामलों का त्वरित निष्पादन हो सके।
इस पहल की सराहना करते हुए स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि सहयोग शिविर वास्तव में प्रत्येक माह आयोजित होता है तो यह ग्रामीण प्रशासन के लिए मील का पत्थर साबित होगा। बिहार सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर भी लोक शिकायत निवारण की ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है, जिसका लाभ ग्रामीण उठा सकते हैं।
आने वाले महीनों में इस शिविर की समीक्षा रिपोर्ट जिला पदाधिकारी को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की रणनीति तय होगी। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि इस बार की तरह हर बार अधिकारी गंभीरतापूर्वक उपस्थित रहेंगे और समस्याओं का जड़ से समाधान करेंगे।


