बेगूसराय के सिमरिया में राष्ट्रकवि दिनकर सेतु के नामकरण और गोलंबर पर आदमकद प्रतिमा स्थापना की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जन्मस्थली को राष्ट्रीय साहित्यिक तीर्थ के रूप में विकसित करने की दिशा में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने संयुक्त मोर्चा खोल दिया है। हिंदी साहित्य के युगपुरुष दिनकर की कर्मभूमि सिमरिया को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए लंबे समय से प्रयासरत राष्ट्रकवि दिनकर मूर्ति स्थापना संघर्ष समिति ने अब अपने आंदोलन को नई धार दी है।
राष्ट्रकवि दिनकर सेतु नामकरण को लेकर विधायक का समर्थन
औटा–सिमरिया सिक्सलेन गंगा सेतु का नाम राष्ट्रकवि दिनकर सेतु और सिमरिया गोलंबर पर आदमकद प्रतिमा लगाने की मांग।
सिमरिया में फिर तेज हुई राष्ट्रीय साहित्यिक तीर्थ बनाने की मांग।
बीहट।
विधायक ने 2021 में ही विधानसभा में उठाई थी दिनकर सेतु की मांग, समिति करेगी एन एच ए आई और केंद्र सरकार से संपर्क।सिमरिया सिक्स लेन गोलम्बर पर राष्ट्रकवि दिनकर की भव्य प्रतिमा की स्थापना और औटा–सिमरिया सिक्सलेन गंगा सेतु के नामकरण की माँग को लेकर राष्ट्रकवि दिनकर मूर्ति स्थापना संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल नगर विधायक कुंदन कुमार से मिला।
विधायक ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रकवि दिनकर सेतु की माँग 02.मार्च.2021 पत्रांक 109/2021के द्वारा विधानसभा में नियम 292(घ) के तहत उठाई थी, जिस पर पथ निर्माण विभाग ने विधायक के निवेदन संख्या 170/2021 के आलोक में पत्रांक 3094(S) दिनांक 02.जून.23 द्वारा एन एच ए आई को अनुरोध भेजा है।इस तरह विधायक ने इस मांग में अपनी सहमति के साथ आगे भी सहयोग करने का आश्वासन दिया।
विधायक द्वारा जानकारी दिए जाने पर समिति के संयोजक गौरव कुमार एवं तमाम सदस्यों ने उन्हें धन्यवाद दिया।इस अवसर पर संयोजक गौरव कुमार ने समिति की दूसरी प्रमुख माँग को मजबूती के साथ रखा और कहा कि सिमरिया घाट में सिक्स लेन सेतु के गोलंबर पर राष्ट्रकवि दिनकर की आदमकद भव्य प्रतिमा की स्थापना की जाए, ताकि दिनकर की जन्मस्थली को राष्ट्रीय साहित्यिक तीर्थ के रूप में पहचान मिल सके।
समिति के मीडिया प्रभारी संजीव फिरोज ने बताया कि चूकि पत्र में मामला एन एच ए आई और केंद्र सरकार से जुड़ा बताया गया है, इसलिए समिति अब एन एचएआई प्राधिकारी, केंद्र सरकार और केंद्रीय पथ परिवहन मंत्री आदि से मिलकर ज्ञापन सौंपेगी।प्रतिनिधिमंडल में संयोजक गौरव कुमार, सहसंयोजक कृष्ण मुरारी, समिति के वरिष्ठ सदस्य विश्वम्भर सिंह, कैलाश सिंह, पूर्व मुखिया कृष्ण कुमार शर्मा, बेगूसराय जिला परिषद उपाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह और मीडिया प्रभारी संजीव फिरोज शामिल थे।
इस पहल से सिमरिया क्षेत्र के विकास के साथ-साथ हिंदी साहित्य के स्तंभ राष्ट्रकवि दिनकर की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाने का मार्ग प्रशस्त होता दिख रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि राष्ट्रकवि दिनकर सेतु का निर्माण और भव्य प्रतिमा की स्थापना न केवल क्षेत्रीय गौरव बढ़ाएगी बल्कि साहित्यिक पर्यटन को भी नई दिशा देगी। आने वाले दिनों में समिति का केंद्रीय मंत्रियों और एनएचएआई अधिकारियों से मुलाकात का कार्यक्रम इस दिशा में निर्णायक साबित हो सकता है। बिहार सरकार और केंद्र सरकार के समन्वय से इस ऐतिहासिक मांग के पूरा होने की उम्मीद बलवती हुई है।

