लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
अवैध लॉटरी का खेल
पूर्वी सिंहभूम के जादूगोड़ा, पोटका और कोवाली थाना क्षेत्रों की सीमा पर स्थित हल्दीपोखर में अवैध लॉटरी कारोबार के फलने-फूलने का आरोप है। स्थानीय लोगों के अनुसार दिन-रात खुलेआम टिकट बेचे जा रहे हैं। झारखंड में लॉटरी प्रतिबंधित होने के बावजूद हल्दीपोखर इस अवैध कारोबार का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।
बताया जाता है कि तीनों थाना क्षेत्रों में प्रतिदिन लाखों रुपये का खेल चलता है। इसका सबसे अधिक असर ड्राइवर, फेरीवाले, दिहाड़ी मजदूर, किसान और छोटे दुकानदारों पर पड़ रहा है। आरोप है कि कई संचालक और एजेंट इस धंधे से तेजी से संपन्न हुए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि चार वर्ष पहले तक गैरेज में काम करने वाले कुछ संचालकों के पास आज महंगी फॉर्च्यूनर और वैगनआर जैसी गाड़ियां हैं।
चाईबासा से ओडिशा तक फैला नेटवर्क
स्थानीय लोगों के अनुसार टिकट थोक में चाईबासा से लाकर एजेंटों के जरिए जादूगोड़ा, कोवाली, पटमदा तथा ओडिशा के रायरंगपुर और बहालदा तक पहुंचाए जाते हैं। कारोबार अब ऑनलाइन भी हो गया है। टिकट नहीं पहुंचने वाले गांवों में व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए नंबर भेजकर ऑनलाइन भुगतान लिया जाता है। कुछ माह पहले गालूडीह में ऐसे ही नेटवर्क पर छापेमारी में 20 लाख रुपये से अधिक नकद बरामद होने की बात सामने आई थी।
खुर्शीद चौक बना मुख्य अड्डा
खुर्शीद चौक को कारोबार का मुख्य केंद्र बताया जा रहा है, जहां शाम सात से रात दस बजे तक भीड़ रहती है। हल्दीपोखर बाजार में चलंत दुकानों और जादूगोड़ा मोड़ पर ठेलों से टिकट बेचे जाने की बात कही जा रही है। स्थायी दुकान से बचने का उद्देश्य पुलिस कार्रवाई की स्थिति में तुरंत हट जाना बताया जाता है।
कर्ज में फंस रहे गरीब
पैसे नहीं होने पर टिकट खरीदने वालों को सूद और उधारी देने का आरोप है। एक टिकट नहीं लगने पर दूसरा खरीदने के लिए फिर कर्ज लेने से लोग धीरे-धीरे कर्ज के जाल में फंस रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने तीनों थाना क्षेत्रों में कथित लाइजनरों के कारण कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया है, हालांकि थाना प्रभारी ऐसी गतिविधि से इनकार करते हैं। चाकुलिया में हाल की छापेमारी में लॉटरी रिजल्ट की कॉपियां मिलने तथा रोजाना 30-40 लाख रुपये के कारोबार के अनुमान का भी उल्लेख सामने आया है। लोगों ने उपायुक्त और एसएसपी से तत्काल कार्रवाई कर पूरे नेटवर्क की गतिविधियों को बंद करने की मांग की है।
अधिक जानकारी के लिए झारखंड पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट देखें।

