Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » अमित शाह ने वाजपेयी को बताया ‘अजातशत्रु’, कहा- सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया
    Headlines राजनीति राष्ट्रीय

    अमित शाह ने वाजपेयी को बताया ‘अजातशत्रु’, कहा- सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया

    Devanand SinghBy Devanand SinghAugust 16, 2026No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    अजातशत्रु
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    जयपुर, 16 अगस्त (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को ‘अजातशत्रु’ बताते हुए रविवार को कहा कि उनका कोई दुश्मन नहीं था और उन्होंने (वाजपेयी) अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया।

    अमित शाह ने वाजपेयी को बताया ‘अजातशत्रु’

    शाह ने कहा कि वाजपेयी विपक्ष में रहने के दौरान भी और सत्ता में रहते हुए भी अपनी विचारधारा को लेकर प्रतिबद्ध रहे।

    शाह ने चित्तौड़गढ़ के निम्बाहेड़ा में वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए यह बात कही।

    वाजपेयी के सिद्धांत और संघर्ष

    उन्होंने कहा, ‘‘अटल बिहारी वाजपेयी 40 साल तक विपक्ष में रहे, लेकिन उनकी विचारधारा हमेशा सर्वोपरि रही। उन्होंने अपना जीवन अपने सिद्धांतों के अनुसार जिया।’’

    शाह ने कहा कि वाजपेयी जेल गए, लाठियां खाईं और कांग्रेस के अत्याचार सहे, लेकिन अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया।

    प्रधानमंत्री के रूप में बड़े फैसले

    उन्होंने कहा कि वाजपेयी जब प्रधानमंत्री बने तो वह देश के पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री थे और उन्होंने कई बड़े फैसले लिए।

    केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, ‘‘दुनिया के दबाव के बावजूद उन्होंने पोखरण परीक्षण के जरिए भारत को परमाणु शक्ति बनाया।’’

    बुनियादी ढांचे और जनजातीय कल्याण

    उन्होंने कहा कि वाजपेयी ने हर गांव को सड़कों से जोड़ने के लिए भी काम किया।

    शाह ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने स्वर्ण चतुर्भुज परियोजना शुरू की, राष्ट्रीय राजमार्गों के नेटवर्क का विस्तार किया और अपने कार्यकाल में कई अन्य पहल कीं।

    उन्होंने वाजपेयी को जनजातीय विकास के लिए अलग मंत्रालय स्थापित करने का श्रेय भी दिया। शाह ने कहा कि इससे पहले जनजातीय समुदायों के कल्याण के लिए कोई अलग मंत्रालय नहीं था।

    मोदी सरकार ने पूरा किया वाजपेयी का सपना

    शाह ने कहा, ‘‘अटल जी ने जो शुरुआत की थी, उसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूरा किया है।’’

    उन्होंने यह बात जनजातीय कल्याण के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार की ओर से उठाए गए कदमों के संदर्भ में कही।

    उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय से आने वाली द्रौपदी मुर्मू का भारत का राष्ट्रपति चुना जाना इस दिशा में हुई प्रगति का प्रमाण है।

    ‘अजातशत्रु’ वाजपेयी की विरासत

    शाह ने कहा, ‘‘न तो उन्होंने (वाजपेयी) सत्ता में रहते हुए अपने सिद्धांत छोड़े और न ही विपक्ष में रहते हुए। इसलिए उन्हें ‘अजातशत्रु’ कहा जाता है-एक ऐसे महान व्यक्ति के रूप में, जिसका कोई दुश्मन नहीं था।’’

    अजातशत्रु अटल बिहारी वाजपेयी अमित शाह परमाणु परीक्षण भारतीय राजनीति
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleभाजपा असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए वंदे मातरम् का मुद्दा उठा रही है : के सी वेणुगोपाल
    Next Article मानसून सत्र की विफलता: संसदीय मर्यादाओं का क्षरण कब तक?

    Related Posts

    दिमागी नक्सली की राजनीति: देश को चाहिए गंभीर बहस, आरोपों का शोर नहीं

    August 16, 2026

    रवीन्द्र नाथ महतो ने कहा: स्वतंत्रता केवल आजादी नहीं, समान अवसर और राष्ट्र-निर्माण की जिम्मेदारी भी

    August 16, 2026

    दिमागी नक्सली की राजनीति: देश को चाहिए गंभीर बहस, आरोपों का शोर नहीं

    August 16, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    दिमागी नक्सली की राजनीति: देश को चाहिए गंभीर बहस, आरोपों का शोर नहीं

    रवीन्द्र नाथ महतो ने कहा: स्वतंत्रता केवल आजादी नहीं, समान अवसर और राष्ट्र-निर्माण की जिम्मेदारी भी

    दिमागी नक्सली की राजनीति: देश को चाहिए गंभीर बहस, आरोपों का शोर नहीं

    अटल बिहारी वाजपेयी ‘अजातशत्रु’ थे, सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया: अमित शाह

    मानसून सत्र: संसदीय मर्यादाओं का क्षरण और लोकतंत्र पर गंभीर प्रश्नचिह्न

    दिमागी नक्सली: राजनीतिक विमर्श में भाषा की मर्यादा पर गंभीर सवाल

    स्वतंत्रता दिवस पर रवीन्द्र नाथ महतो का आह्वान: समान अवसर और राष्ट्र-निर्माण की जिम्मेदारी

    मानसून सत्र: संसदीय मर्यादा का क्षरण और जनता के विश्वास पर चोट

    मानसून सत्र की विफलता: संसदीय मर्यादाओं का क्षरण कब तक?

    अमित शाह ने वाजपेयी को बताया ‘अजातशत्रु’, कहा- सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.