लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
बड़गांव मोबलिंचिंग मामले में पुलिस की कार्रवाई
बड़गांव मोबलिंचिंग मामले में चतरा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है और पचास से अधिक लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह घटना जिले के टंडवा थाना क्षेत्र के बड़गांव में घटी जहां भीड़ ने कानून को अपने हाथ में ले लिया।
चतरा : जिले के टंडवा थाना अंतर्गत मोबलिंचिंग मामले में चतरा पुलिस ने अलर्ट मोड में अब तक आधा दर्जन से अधिक लोगों को गिफ्तार कर लिया है। बाकी लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस हर पहलू पर विचार कर रही है। घटना की खबर से चतरा पुलिस अलर्ट मोड रह कर कारवाई जारी रखा है।
वर्तमान में सिमरिया एसडीपीओ और टंडवा एसडीपीओ के निगरानी में विभिन्न थाने के थानेदार के साथ मिल कर मामले को शांत कराने की कोशिश की जा रही है। वहीं अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जबकि मोबलिंचिंग में मृतक परिवार के तरफ से 50 से अधिक लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मोबलिंचिंग में मारे गए मोहम्मद इमरोज पिता सुल्तान मियाँ ग्राम बड़गांव थाना टंडवा, जिला चतरा है। इधर मोबलिंचिंग की घटना को लेकर आरक्षी अधीक्षक अनिमेष कुमार नैथानी ने कहा है कि घटना में शामिल लोगों अविलंब गिरफ्तार किया जाएगा। चाहे कोई भी हो उसे बख्शा नहीं जाएगा। चुकी कानून अपने हाथ में लेकर इस तरह का घटना का अंजाम दिया गया है। कानूनी प्रक्रिया में आम लोग पुलिस को सहयोग करें और शांति बनाए रखे।
पुलिस ने शांति व्यवस्था के लिए कड़े इंतजाम किए
घटना के बाद से इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी है और अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है। सिमरिया एसडीपीओ और टंडवा एसडीपीओ स्वयं स्थिति पर नजर रख रहे हैं। प्रशासन ने आम लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। एसपी अनिमेष कुमार ने कहा कि दोषियों को अविलंब गिरफ्तार किया जाएगा और किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
कानूनी प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई
आरक्षी अधीक्षक अनिमेष कुमार नैथानी ने स्पष्ट किया है कि कानून अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। मोबलिंचिंग जैसे गंभीर अपराध में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने 50 से अधिक अज्ञात और नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फोरेंसिक टीम भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है। सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार मॉब लिंचिंग के मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर समाज में बढ़ती असहिष्णुता और भीड़ तंत्र के खतरे को उजागर किया है। झारखंड पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे कानून पर भरोसा रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। प्रशासनिक स्तर पर शांति समिति की बैठकें बुलाकर सौहार्द कायम करने का प्रयास जारी है।

