लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर के तुलसी भवन में आयोजित सावन मिलन समारोह ने महिला साहित्यकारों के बीच उत्साह का संचार किया। इस अवसर पर शताधिक महिला रचनाकारों ने कजरी गीत, नृत्य और कविता पाठ से समां बांधा।
कार्यक्रम का शुभारंभ और स्वागत
जमशेदपुर। सिंहभूम जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन/तुलसी भवन द्वारा संस्थान के मानस सभागार में सावन मास के दुसरे दिन नगर की महिला साहित्यकारों के लिए “सावन मिलन समारोह” आयोजित किया गया । जिसके अन्तर्गत शताधिक महिला साहित्यकारों द्वारा गीत- संगीत – कविता पाठ के अलावा नृत्य एवं पारंपरिक कजरी गीतों की जबरदस्त प्रस्तुति की गई । इस अवसर सभी हरे रंग की परिधान तथा पूरे श्रृंगार में उपस्थित थीं । कार्यक्रम के दौरान झूले की विशेष व्यवस्था की गई थी। कार्यक्रम के प्रारंभ में सभी के कजुड़े में रजनीगंधा माला से स्वागत किया गया। जिसमें झूले के साथ कजरी गायन एवं नृत्य प्रस्तुत कर सबों ने खूब मौज – मस्ती की । कार्यक्रम के दौरान सुस्वादु खान-पान की विशेष व्यवस्था का सबों ने भरपूर लुफ्त उठाया । अंत में उपस्थित सारे प्रतिभागियों को श्रृंगार सामग्री का पैकेट उपहार स्वरूप प्रदान किया गया ।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
कार्यक्रम के आरंभ में दीप प्रज्जवल संस्थान के अध्यक्ष सुभाष चन्द्र मुनका, डॉ. रागिनी भूषण एवं सुरेश चन्द्र झा ने किया । तत्पश्चात स्वागत भाषण साहित्य समिति की मार्गदर्शिका डॉ. रागिनी भूषण एवं धन्यवाद ज्ञापन रीना सिन्हा ने दिया । कार्यक्रम के आरंभ में उपासना सिन्हा ने शिव भजन तथा आराध्या सिन्हा ने गणेश वंदना पर नृत्य प्रस्तुत कर सबों को मंत्रमुग्ध कर दिया । ततपश्चात द डांस डिजायर की टीम से मनमोहक सावन नृत्य की प्रस्तुति दी । समारोह की संयोजक डॉ. वीणा पाण्डेय भारती, उपासना सिन्हा, रीना सिन्हा एवं पूनम महानंद थीं ।
सावन मिलन समारोह की झलकियां
इस अवसर पर मुख्य रुप से डॉ रागिणी भूषण, नीलिमा पाण्डेय, डॉ. वीणा पाण्डेय भारती, उपासना सिन्हा, नीता सागर चौधरी, रीना सिन्हा, पूनम महानंद, पूर्वी घोष, शकुंतला शर्मा, प्रणति शरण, नीलम पेड़ीवाल, स्मृति पांडेय चौबे, क्षमाश्री दुबे, आरती श्रीवास्तव ‘विपुला’, सुष्मिता मिश्रा, लक्ष्मी सिंह ‘रूबी’, उषा झा, अरुणा झा, डॉ. आशा गुप्ता, रीना गुप्ता ‘श्रुति’, अरुणा पोद्दार, पूनम सिंह ‘वत्सला’, अलोक मंजरी ‘विदुषी’, सविता सिंह ‘मीरा’, ममता कर्ण ‘मनस्वी’, मंजु कुमारी, डॉ. अनिता निधि, रीति झा, सुदीप्ता जेठी राउत, ललिता मिश्रा, डॉ. संध्या, किरण सज्जन, छाया प्रसाद, पद्मा प्रसाद ’विन्देश्वरी’, विन्ध्यवासिनी तिवारी, वीणा कुमारी ‘नंदिनी’, अनिता सिंह, वंदना केसर भारती, पुष्पा झा, रेनु राय, डॉ सुनीता बेदी, सुबोधिनी सिन्हा, डा. माधुरी मिश्रा, आकांक्षा, सूर्या चौबे पूनम शर्मा स्नेहिल, मंजू ठाकुर, मधु ओझा, संगीता मिश्रा, डाॅ. सरित किशोर, साधना श्रीवास्तव, डॉ. मनीला, वीना भूषण, संहिता राणा, रिंकी पाण्डेय पुनम शर्मा, रीना शर्मा, मीना शर्मा, शक्ति श्रीवास्तव, प्रेमलता कुमारी, दुर्गावती मिश्रा, पूनम मेहता, मानसी सोनकर, आरिनी कर्माकर, मीनाक्षी सिंकू, निक्की वर्मा, वर्षा महतो, श्रेया रे, राशि लोहार उपस्थित रहीं ।
इस भव्य आयोजन ने जमशेदपुर की साहित्यिक विरासत को नई ऊंचाई दी। अधिक जानकारी के लिए जमशेदपुर के सांस्कृतिक इतिहास को देख सकते हैं।

