Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » कवि और कलम के ओपन माइक में गूंजी कविता और शायरी, नई प्रतिभाओं को मिला मंच
    शिक्षा साहित्य

    कवि और कलम के ओपन माइक में गूंजी कविता और शायरी, नई प्रतिभाओं को मिला मंच

    Devanand SinghBy Devanand SinghJuly 28, 2026No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    कवि और कलम
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता

    हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में स्थित गांव मथाना में साहित्यिक गतिविधियों को नई दिशा देते हुए ‘कवि और कलम’ मंच ने अपना दूसरा ओपन माइक शो आयोजित किया। इस कार्यक्रम ने ग्रामीण अंचल की छिपी हुई काव्य प्रतिभाओं को एक ऐसा मंच प्रदान किया जहां वे अपनी रचनाओं को श्रोताओं के समक्ष प्रस्तुत कर सकें। विवेकानंद सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रांगण में हुए इस आयोजन में साहित्य प्रेमियों की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि ग्रामीण भारत में साहित्य के प्रति रुचि दिनोंदिन बढ़ रही है। कवि और कलम मंच लगातार ऐसे प्रयासों के माध्यम से साहित्यिक संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है।

    कवि और कलम मंच का दूसरा ओपन माइक आयोजन

    कुरुक्षेत्र: गांव मथाना स्थित विवेकानंद सीनियर सेकेंडरी स्कूल में ‘कवि और कलम’ मंच के तत्वावधान में दूसरे ओपन माइक शो का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्य अकादमी सम्मानित डॉ. कमर रईस ने की, जबकि मुख्य अतिथि डॉ. दलीप खरेरा और विशिष्ट अतिथि कृष्ण कुमार निर्माण व नरेश लाभ रहे।

    कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदीप गागट ने सरस्वती वंदना से किया। इसके बाद विभिन्न कवियों और शायरों ने देशभक्ति, सामाजिक सरोकार, रिश्तों, प्रकृति और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं की खूब सराहना बटोरी। विद्यालय के प्राचार्य विक्रम शर्मा ने भी अपनी कविताओं और हास्य प्रस्तुति से माहौल को जीवंत बनाया।

    सम्मान समारोह और आयोजकों का संदेश

    आयोजन के अंत में सभी कवियों, शायरों एवं रचनाकारों को स्मृति-चिह्न और सम्मान-पत्र देकर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि इस तरह के साहित्यिक आयोजन नई प्रतिभाओं को मंच देने और साहित्यिक संस्कृति को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    इस अवसर पर उपस्थित साहित्य प्रेमियों ने कार्यक्रम की भूरी-भूरी प्रशंसा की और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की अपेक्षा जताई। साहित्य अकादमी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के सम्मानित सदस्यों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया। आप साहित्य अकादमी की वेबसाइट पर भारतीय साहित्य की समृद्ध परंपरा के बारे में अधिक जान सकते हैं।

    कवि और कलम मंच निरंतर साहित्यिक गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण प्रतिभाओं को उभारने का प्रयास कर रहा है। इस ओपन माइक शो की सफलता से उत्साहित आयोजक जल्द ही अगले आयोजन की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के मंच न केवल कवियों को प्रोत्साहित करते हैं, बल्कि युवा पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने का भी कार्य करते हैं। आयोजन में आए अतिथियों ने मंच के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक सिद्ध होते हैं।

    कार्यक्रम के दौरान कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से वर्तमान सामाजिक मुद्दों, पर्यावरण संरक्षण, नारी सशक्तिकरण और राष्ट्रीय एकता जैसे विषयों को छुआ। श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ प्रत्येक रचना का स्वागत किया। प्राचार्य विक्रम शर्मा की हास्य कविताओं ने माहौल को हल्का-फुल्का बनाए रखा, वहीं गंभीर कविताओं ने श्रोताओं को सोचने पर मजबूर किया। इस विविधता ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

    आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि ‘कवि और कलम’ मंच भविष्य में भी इसी तरह के ओपन माइक, कवि सम्मेलन और साहित्यिक कार्यशालाओं का आयोजन करता रहेगा। उनका उद्देश्य है कि हर गांव-कस्बे तक साहित्य की सुगंध पहुंचे और नई पीढ़ी लेखन के प्रति प्रेरित हो। इस दिशा में स्कूलों और कॉलेजों के साथ सहयोग बढ़ाने की योजना भी है।

    ओपन माइक कवि और कलम कविता कुरुक्षेत्र साहित्यिक आयोजन
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleआइसा का बड़ा आरोप: शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ देशभर में दमनात्मक कार्रवाई जारी
    Next Article झारखंड भाजपा प्रदेश कार्यसमिति घोषित: बाबूलाल, अर्जुन मुंडा, चंपाई समेत दिग्गजों को मिली अहम जिम्मेदारी

    Related Posts

    UCIL की बदहाली: 100 गीगावाट परमाणु सपने और जादूगोड़ा की हकीकत

    September 18, 2026

    भारतेंदु साहित्य उत्सव में गूंजा हिंदी, संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना का स्वर

    September 18, 2026

    सीडी फोर्ट पब्लिक स्कूल में शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित

    September 18, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    EBC आरक्षण पर बदलेगा रोस्टर: पंचायत चुनाव 2026 में हर पंचायत में होगा सर्वे

    सलौना को मिली अयोध्या से जुड़ी पहली फेस्टिवल एक्सप्रेस ट्रेन: 4 अक्टूबर से होगा परिचालन शुरू, स्थायी करने की मांग तेज

    जमशेदपुर पुलिस में बड़ा फेरबदल, 12 इंस्पेक्टर और 14 सब इंस्पेक्टर समेत 26 अधिकारियों का तबादला

    टाटा संस में सत्ता-संतुलन पर बड़ा सवाल

    UCIL की बदहाली: 100 गीगावाट परमाणु सपने और जादूगोड़ा की हकीकत

    भारतेंदु साहित्य उत्सव में गूंजा हिंदी, संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना का स्वर

    सरायकेला के संजय डालमिया के घर ईडी की इंट्री

    टाटा संस में सत्ता-संतुलन पर बड़ा सवाल

    अमरप्रीत सिंह काले के अग्रज त्रिलोचन सिंह के अंतिम अरदास में उमड़ा जनसैलाब

    तुरामडीह माइंस में ठेका कार्यों पर सवाल, उच्चस्तरीय जांच की मांग

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.