यूसीआईएल विस्थापितों की समस्याओं पर डीसी से मिले विधायक, लंबित रोजगार मामलों के समाधान की मांग
राष्ट्र संवाद संवाददाता
यूसीआईएल विस्थापितों की समस्याओं को लेकर डीसी से मिले पोटका और घाटशिला विधायक, रोजगार व पुनर्वास की उठाई मांग
जमशेदपुर: यूसीआईएल की विभिन्न खनन परियोजनाओं से प्रभावित विस्थापित परिवारों की समस्याओं को लेकर सोमवार को पोटका विधायक संजीव सरदार और घाटशिला विधायक सोमेश सोरेन ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त राजीव रंजन से मुलाकात की। इस दौरान तुरामडीह, नरवा, जादूगोड़ा, बांदूहुड़ांग और बागजामदा माइंस क्षेत्र के माझी बाबा, विस्थापित समितियों के प्रतिनिधि तथा प्रभावित परिवारों के सदस्य भी मौजूद रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के समक्ष विस्थापित परिवारों की वर्षों से लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाते हुए रोजगार, पुनर्वास, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क और कौशल विकास जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों के लंबित मामलों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया।
बैठक में विधायकों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ हुई पूर्व बैठक का भी उल्लेख करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव और उपायुक्त से विस्तृत रिपोर्ट तलब कर विस्थापितों की समस्याओं के समाधान का निर्देश दिया था। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से जल्द रिपोर्ट भेजने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।
बैठक के दौरान सबसे बड़ा मुद्दा रोजगार का रहा। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि कई परिवारों ने यूसीआईएल परियोजनाओं के लिए अपनी जमीन दी, लेकिन उन्हें आज तक नौकरी नहीं मिली। वहीं, सेवा के दौरान दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के परिवारों को भी नियमानुसार रोजगार का लाभ नहीं मिल सका। ऐसे सभी मामलों की जांच कर पात्र परिवारों को शीघ्र रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की गई।
पोटका विधायक संजीव सरदार ने कहा कि विकास परियोजनाओं के लिए अपनी जमीन देने वाले विस्थापित परिवारों के साथ न्याय होना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी जायज मांगों और अधिकारों की अनदेखी किसी भी कीमत पर नहीं होने दी जाएगी तथा सरकार और प्रशासन के समक्ष लगातार उनकी आवाज उठाई जाती रहेगी।
प्रतिनिधिमंडल ने लंबित नियुक्ति मामलों के शीघ्र निष्पादन, विस्थापितों को रोजगार में प्राथमिकता देने और पूर्व में लिए गए निर्णयों को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग करते हुए उपायुक्त से जल्द सकारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा जताई।

