राष्ट्र संवाद संवाददाता
पहली बारिश ने यूसील जादूगोड़ा कॉलोनी की पोल खोल दी। नालियों की सफाई नहीं होने से पूरी कॉलोनी जलजमाव से जूझ रही है। घरों के आगे घुटनों तक पानी भरा है। लोग परेशान हैं, लेकिन यूसील प्रबंधन और ठेकेदार की नींद नहीं टूटी।
नाली सफाई सिर्फ कागजों पर, हकीकत में सब जाम
कॉलोनीवासियों का आरोप है कि बरसात से पहले हर साल नाली-नाला सफाई का टेंडर निकलता है। लाखों का भुगतान भी हो जाता है, पर धरातल पर काम जीरो है। सभी मुख्य नालियां सिल्ट और कचरे से जाम हैं। नतीजा, हल्की बारिश में ही कॉलोनी तालाब बन जाती है। घरों के पीछे गंदा पानी जमा हो रहा है और दीवारों में सीलन आ गई है।
अधिकारी मूकदर्शक ठेकेदार पर सवाल
सफाई का ठेका लेने वाले ठेकेदार का कार्यशैली सवालों के घेरे में हे। यूसील के अधिकारी भी शिकायतों के बाद मूकदर्शक बने हुए हैं। हैरानी की बात है कि यूसील के सीएमडी का आवास भी इसी कॉलोनी में है, फिर भी जलजमाव की समस्या जस की तस है गंदगी की समस्या गंभीर रूप से हे।
बीमारी का खतरा बढ़ा, बच्चे- बुजुर्ग परेशान
जगह-जगह जमा पानी में मच्छर पनप रहे हैं। कॉलोनी में मलेरिया और डेंगू का खतरा बढ़ गया है। दुर्गंध से लोगों का घर में रहना मुश्किल है। स्कूली बच्चों को पानी से होकर स्कूल जाना पड़ रहा है। बुजुर्ग फिसलकर गिर रहे हैं। पाइपलाइन जाम होने से ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह फेल हो चुका है।
मोड चौक से नवरंग मार्केट तक भी यही हाल
सिर्फ कॉलोनी ही नहीं, जादूगोड़ा मोड चौक से नवरंग मार्केट तक सड़क किनारे नालियां जाम हैं। बारिश का पानी सड़क पर बह रहा है। दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक आना बंद हो गए हैं।
लोगों ने दी आंदोलन की चेतावनी
कॉलोनीवासियों ने कहा कि डीडीटी छिड़काव और फॉगिंग भी बंद है। कई बार लिखित शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। यूसील कॉलोनी की क्वार्टर पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं भारी बरसात में क्वार्टर के धंसने के भी संभावना है।
जादूगोड़ा के बाजार में भी पानी भर जाने से लोगों को काफी परेशान हुए राजा टेंट हाउस के घर में भी पानी घुस गया।

