राष्ट्र संवाद संवाददाता
सीआरपीएफ के जवानों का दम-खम परखने के लिए ग्रुप केन्द्र, जमशेदपुर में गुरुवार को तीन दिवसीय ट्रायथलॉन प्रतियोगिता का बिगुल बजा। 02 से 04 जुलाई तक चलने वाली इस अंतर बटालियन (ऑप्स)/जीसी ट्रायथलॉन प्रतियोगिता–2026 में झारखंड सेक्टर की 11 टीमें जोर आजमाइश करेंगी।
*डीआईजी ने किया शुभारंभ, जवानों में भरा जोश*
प्रतियोगिता का उद्घाटन डीआईजी रमेश कुमार ने किया। उन्होंने परेड का निरीक्षण कर सभी 11 टीमों के खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। अपने संबोधन में डीआईजी ने कहा, _”ट्रायथलॉन सिर्फ ताकत का खेल नहीं है। यह बताता है कि मुश्किल हालात में जवान का दिमाग कितना तेज चलता है और टीम के साथ तालमेल कितना मजबूत है। नक्सल ऑपरेशन में यही चीजें जीत दिलाती हैं।”_
उन्होंने प्रतिभागियों से कहा कि खेल भावना सबसे ऊपर है, लेकिन जीतने का जज्बा भी कम नहीं होना चाहिए। सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने की हिदायत भी दी।
*क्या है मकसद?*
सीआरपीएफ में तैनात जवानों की फिटनेस तो होती ही है, लेकिन ट्रायथलॉन के जरिए उनकी सहनशक्ति, मानसिक मजबूती और टीम वर्क को और धार दी जाती है। तीन दिन तक चलने वाली अलग-अलग स्पर्धाओं में जवानों को तैराकी, साइकिलिंग और दौड़ जैसी चुनौतियों से गुजरना होगा। इससे ऑपरेशन के दौरान आने वाली शारीरिक और मानसिक थकान से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।
*कौन-कौन रहा मौजूद*
उद्घाटन समारोह में डीआईजी मेडिकल डॉ. उर्मिला गारी, कमांडेंट पंकज सिंह, सीएमओ डॉ. मीना नवीन, उप कमांडेंट नीरज कुमार, पवन कुमार, मोहम्मद हनीफ सहित जफर आलम, तरुण बेरा, मकसूद आलम, अमित गुप्ता, सेन गुप्ता, संजय सिंह, पान मनी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। सभी 11 बटालियनों के टीम मैनेजर, कोच और सैकड़ों जवानों ने भी समारोह में हिस्सा लिया।
*आगे क्या:* शुक्रवार और शनिवार को अलग-अलग ट्रायथलॉन इवेंट होंगे। 04 जुलाई को समापन

