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    Home » लगातार उत्पादन कम होने से यूसिल सीएमडी के कार्य शैली पर भड़की यूनियन हालात नहीं सुधरे तो होगी अनिश्चितकालीन हड़ताल
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    लगातार उत्पादन कम होने से यूसिल सीएमडी के कार्य शैली पर भड़की यूनियन हालात नहीं सुधरे तो होगी अनिश्चितकालीन हड़ताल

    Aman OjhaBy Aman OjhaJune 19, 2026No Comments4 Mins Read
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    राष्ट्र संवाद संवाददाता

     

    यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड यानी यूसील में हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं। पेंशन, उत्पादन और मेडिकल सुविधाओं के साथ अब माइंस सुरक्षा और कॉलोनी की जर्जर हालत ने भी मजदूरों का गुस्सा बढ़ा दिया है। शुक्रवार को जादूगोड़ा कॉलोनी के कम्युनिटी सेंटर में संयुक्त यूनियन की बैठक में अफसरों की लापरवाही पर जमकर हंगामा हुआ। यूनियनों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो गेट जाम से लेकर बड़ा आंदोलन होगा।

     

    *नए सीएमडी के आते ही गिरा उत्पादन*

    सुमु यूनियन के महासचिव रमेश माझी ने बैठक में कहा कि नए सीएमडी के आने के बाद कंपनी का उत्पादन लगातार नीचे जा रहा है। जबकि डॉ आसनानी के कार्यकाल में उत्पादन ग्राफ ऊपर था। आरोप लगाया कि अब तक मजदूर हित में एक भी ठोस कदम नहीं उठाया गया। मजदूरों की समस्याओं पर संयुक्त यूनियन के साथ एक बार भी बैठक नहीं हुई।

     

    *माइंस में सुरक्षा भगवान भरोसे*

    – *सेफ्टी इक्विपमेंट की कमी*: रेडिएशन जोन में काम करने वाले मजदूरों को समय पर डोसिमीटर, मास्क और दस्ताने नहीं मिल रहे।

    – *मेंटेनेंस ठप*: शाफ्ट और लिफ्ट की नियमित जांच नहीं हो रही। पिछले महीने ही वेंटिलेशन फैन खराब होने से गैस जमा हो गई थी।

    – *मैनपावर की कमी*: सेफ्टी ऑफिसर के कई पद खाली हैं। ठेका मजदूरों को बिना ट्रेनिंग सीधे अंडरग्राउंड भेजा जा रहा है।

    – *हादसे का डर*: यूनियन ने कहा कि लापरवाही ऐसे ही चलती रही तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।

     

    *कॉलोनी की हालत खंडहर जैसी*

    – *जर्जर क्वार्टर*: 50साल पुराने क्वार्टरों की छत टपक रही है। प्लास्टर गिर रहे हैं। बारिश में दीवारों में करंट उतर आता है।

    – *सड़क-नाली बदहाल*: कॉलोनी की सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। नालियां जाम होने से गंदा पानी घरों तक पहुंच रहा है।

    – *पानी-बिजली संकट*: लोगों को शुद्ध पानी नहीं मिल रहा खरीद कर पानी पीना पड़ रहा है बिजली उपकरणों की भारी कमी है।

     

    – *सफाई ठप*: कचरा उठाव नियमित नहीं। सांप-बिच्छू निकलने की शिकायतें आम हो गई हैं।

     

    *अस्पताल सिर्फ नाम का, इलाज को टाटा-रांची की दौड़*

    यूनियन ने बताया कि जादूगोड़ा अस्पताल रेफरल सेंटर बन गया है। यहां न कार्डियोलॉजिस्ट है, न न्यूरोलॉजिस्ट। एक्स-रे मशीन हफ्तों बंद रहती है। दवाइयां बाहर से खरीदनी पड़ती हैं। रेडिएशन जोन में काम करने के बावजूद कर्मचारियों को जांच के लिए टाटा या रांची भेजा जाता है। इमरजेंसी में मरीजों को 50 किमी दूर ले जाना पड़ता है।

     

    *ठेका मजदूरों के गेट जाम से प्रोडक्शन चौपट*

    वेतन और पीएफ में देरी होने पर ठेका मजदूर बार-बार मेन गेट जाम कर देते हैं। इससे ए, बी और सी शिफ्ट के स्थायी कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं पहुंच पाते। हाजिरी कटती है और सीधा प्रोडक्शन लॉस होता है। स्थायी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष ने कहा, “हम काम करना चाहते हैं, लेकिन गेट पर हंगामे के कारण अंदर ही नहीं जा पाते।”

     

    *यूनियन की मांग*

    1. ठेका श्रमिकों को स्थायी कर्मचारियों के बराबर रात्रि भत्ता दिया जाए।

    2. माइंस में सेफ्टी ऑडिट कराकर खाली पद तुरंत भरे जाएं।

    3. कॉलोनी के क्वार्टरों की मरम्मत और सड़क-नाली का निर्माण हो।

    4. अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर और जरूरी मशीनें उपलब्ध कराई जाएं।

    5. पेंशन और मेडिकल सुविधा पर प्रबंधन लिखित आश्वासन दे।

     

    बैठक में जादूगोड़ा लेबर यूनियन के महासचिव सुरजीत सिंह, सुमु यूनियन के रमेश माझी, मुकेश कुमार, पुष्पराज, रघु हंसदा समेत कई पदाधिकारी मौजूद थे। यूनियनों ने दो टूक कहा कि प्रबंधन ने 15 दिन में बातचीत नहीं की तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू होगा। पहले गेट मीटिंग, फिर काम बंद ओर होगा तो अनिश्चित कालीन हड़ताल भी किया गया जाएगा।

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