एनजीटी के आदेश की उड़ी धज्जियां, बहरागोड़ा-चाकुलिया में धड़ल्ले से बालू का अवैध खनन, प्रशासन मौन
राष्ट्र संवाद संवाददाता
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के प्रतिबंध के बावजूद पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा, चाकुलिया और गुड़ाबांदा अंचल में बालू माफिया बेखौफ हैं। मानसून को देखते हुए 10 जून से नदियों से बालू उठाव पर रोक है, लेकिन धरातल पर तस्वीर उलट है।
*नदी का सीना छलनी, ट्रैक्टर-हाईवा से ढुलाई*
बहरागोड़ा के बालिजुड़ी घाट की तस्वीरें सबूत हैं। नदी के बीचों-बीच जेसीबी और दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉली बालू का सीना चीर रहे हैं। गुड़ाबांदा के पुनसा घाट पर भी रात के अंधेरे में 20-25 हाईवा बालू जामशेदपुर-घाटशिला भेजे जा रहे हैं। कोंकसा-स्वांगछड़ा घाट पर सोलर लाइट लगाकर रात में भी खनन जारी है।
*अनुमति एक लाख CFT, स्टॉक पांच लाख CFT*
जांच में बड़ा खेल सामने आया। मेसर्स गोदावरी कमोडिटीज लिमिटेड को एक लाख CFT भंडारण की अनुमति थी, मगर स्टॉक यार्ड में 5 लाख CFT बालू मिला। डीएमओ कार्यालय के मुताबिक जितनी मात्रा का चालान कटा, उससे कम भंडारण दिखाया गया। यानी राजस्व को भी चूना।
*प्रशासन की भूमिका संदिग्ध*
डीसी के सख्त निर्देश के बाद भी खनन, भंडारण और परिवहन नहीं रुका। इससे अंचल कार्यालय और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सबकी मिलीभगत से यह लूट चल रही है।
*क्या बोले अधिकारी*
– *राजीव रंजन, DFO*: 10 जून के बाद खनन नहीं होना चाहिए। अवैध खनन पर कड़ी कार्रवाई होगी।
– *सतीश नायक, DMO*: तय मात्रा से अधिक स्टॉक मिला तो जुर्माना तय है।
– *जितेंद्र कुमार, कंपनी मैनेजर*: चालान से कम ही भंडारण किया गया है।
*सवाल बरकरार*: जब एनजीटी का आदेश, डीसी का निर्देश और पुलिस-प्रशासन मौजूद है, तो फिर माफिया इतने बेखौफ कैसे? कागजों में रोक और धरातल पर लूट कब तक?*
NGT के बैन को ठेंगा, बहरागोड़ा में नदी का सीना चीरते ट्रैक्टर*
बहरागोड़ा के बालिजुड़ी घाट की है जहां एनजीटी के प्रतिबंध के बावजूद बालू माफिया बेखौफ हैं। 10 जून से मानसून के चलते नदियों से बालू उठाव पर पूरी तरह रोक है, फिर भी नदी के बीचों-बीच दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉली धड़ल्ले से बालू लोड कर रहे हैं।
तस्वीर साफ बता रही है कि कैसे दिनदहाड़े नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जेसीबी से गड्ढे कर बालू निकाला जा रहा है और हाईवा से जामशेदपुर-घाटशिला भेजा जा रहा है।

