राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले में मिर्गी और मानसिक रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा “परियोजना उल्लास” के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल की पहल पर आयोजित यह प्रशिक्षण जिला परिषद सभागार, सबल सेंटर साकची एवं सिविल सर्जन सभागार में संपन्न हुआ, जिसमें चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी एवं स्टाफ नर्स शामिल हुए।
सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने बताया कि जिले के घाटशिला, पटमदा, साकची, चाकुलिया, पोटका और मुसाबनी में मिर्गी जांच शिविर लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब लोग अंधविश्वास छोड़कर इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं, जो समाज में सकारात्मक बदलाव का संकेत है।
उन्होंने बताया कि परियोजना उल्लास के तहत मानसिक एवं मिर्गी रोगियों को नि:शुल्क जांच, परामर्श, दवा, भोजन और आने-जाने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इस योजना को मरीजों और उनके परिजनों का अच्छा समर्थन मिल रहा है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में एम्स नई दिल्ली से आए विशेषज्ञ डॉक्टरों ने मिर्गी रोग के लक्षण, कारण, इलाज और उससे जुड़े मिथकों की जानकारी दी। साथ ही मरीजों के खानपान और देखभाल को लेकर भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए।

