राष्ट्र संवाद संवाददाता
बांकिशोल पंचायत अंतर्गत उपर-बांकिशोल गांव के समीप एक स्टोन क्रशर प्लांट स्थापित किए जाने को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों और ग्राम प्रधान ने इसे ग्रामसभा की सहमति के बिना किया जा रहा कार्य बताते हुए कड़ा विरोध जताया है। जानकारी के अनुसार उपर-बांकिशोल जाने वाली मुख्य सड़क से सट कर नए क्रशर प्लांट के लिए चारों ओर घेराबंदी कर मशीनें लगाई जा रही है। इसको लेकर गांव में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
ग्राम प्रधान जगबंधु हांसदा ने आरोप लगाया कि उनके राजस्व गांव में बिना ग्रामसभा की अनुमति के यह प्लांट लगाया जा रहा है, जो पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में ग्रामसभा को प्राप्त संवैधानिक अधिकारों का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि इस मामले का संवैधानिक तरीके से विरोध किया जाएगा और किसी भी
उपर बांकाशोल सड़क किनारे लगाया जा रहा क्रशर प्लांट जागरण
स्थिति में नियमों के विरुद्ध काम नहीं होने दिया जाएगा। ग्रामीणों ने भी इस पर चिंता जताते हुए बताया कि प्लांट स्थल पर न तो मालिक का नाम और न ही किसी कंपनी का सूचना पट्ट लगाया गया है। जिससे अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह परियोजना किसके द्वारा चलाई जा रही है। हालांकि स्थानीय स्तर पर चर्चा है ज मनीष
अग्रवाल नामक व्यक्ति द्वारा यह क्रशर प्लांट लगाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि संबंधित व्यक्ति ने अंचलाधिकारी कार्यालय में पत्थर भंडारण के लिए लाइसेंस हेतु आवेदन भी दिया है। गांव के लोगों का कहना है कि जब तक ग्रामसभा की अनुमति नहीं ली जाती, तब तक इस प्रकार के कार्य को स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही साथ ग्रामीणों का कहना है कि किसी प्रकार का काम यहां नहीं होना चाहिए नहीं तो ग्रामीण इसका जोरदार विरोध करेंगे ग्रामीण के द्वारा इसकी शिकायत विधायक संजीव सरदार और जिला के नए उपायुक्त से भी किया है खनन विभाग के अधिकारियों के कार्य शैली पर भी सवाल खड़े किए हैं।।

