राष्ट्र संवाद संवाददाता
झारखंड कांग्रेस में संगठनात्मक असंतोष अब गंभीर रूप लेता दिखाई दे रहा है। पार्टी से करीब 30 वर्षों से जुड़े वरिष्ठ कांग्रेसी नेता होनी सिंह मुंडा ने कांग्रेस हाईकमान को पत्र लिखकर वर्तमान प्रदेश कमेटी पर कड़ा सवाल उठाया है और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल को भेजे गए पत्र में उन्होंने कहा है कि 314 सदस्यीय कमेटी का गठन सामाजिक न्याय और समावेशिता के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और महिला वर्ग को अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया, जिससे इन वर्गों में असंतोष बढ़ रहा है। मालूम हो कि कल ही वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने भी इस मुद्दे को जोर शोर से उठाया है।
मुंडा ने कहा कि कमेटी में शामिल कई लोगों की न तो जमीनी पहचान है और न ही वे संगठन की विचारधारा को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाने में सक्षम हैं। इससे पार्टी की छवि और संगठनात्मक मजबूती दोनों प्रभावित हो रही है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो प्रदेश कांग्रेस में भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है और पार्टी के प्रति समर्पित कार्यकर्ता दूसरे राजनीतिक दलों की ओर जा सकते हैं।
मुंडा ने यह भी स्पष्ट किया कि वे तीन दशकों से पार्टी की सेवा में समर्पित हैं और ऐसे में संगठन की कमियों पर मौन रहना उनके लिए संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी स्पष्टवादिता को अनुशासनहीनता माना जाता है तो वे किसी भी कार्रवाई के लिए तैयार हैं, लेकिन पार्टी के हित में सच्चाई सामने रखना आवश्यक है।

