राष्ट्र संवाद संवाददाता
जिला के अपर सत्र न्यायाधीश-सह-विशेष न्यायाधीश (SC/ST एक्ट) की अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसले में विजय कुमार तंतुबाई उर्फ बिजय कुमार तंतुबाई की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। यह आदेश 22 अप्रैल 2026 को पारित किया गया।
क्या है पूरा मामला?
मामले में आरोप है कि अभियुक्त विजय तंतूबाई पिता राधाकांत तंतु बाई,ग्राम शाहरबेड़ा निवासी ने सूचक (informant) के साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए दुर्व्यवहार किया और उससे 3-4 लाख रुपये की मांग की। पैसा नहीं देने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप है।
जांच के दौरान कई गवाहों ने लिखित रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों का समर्थन किया है। केस डायरी के विभिन्न पैराग्राफ में दर्ज बयानों से यह भी स्पष्ट हुआ कि पीड़ित वीरेन लायक,पिता – घासी राम लायक,ग्राम भूयडीह निवासी को अनुसूचित जाति (भुइयां) से संबंध रखता है।
कोर्ट ने क्यों ठुकराई जमानत?
अदालत ने कहा कि:
मामला अभी शुरुआती जांच चरण में है। आरोप गंभीर और प्रथम दृष्टया प्रमाणित प्रतीत होते हैं
SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत ऐसे मामलों में अग्रिम जमानत का प्रावधान नहीं है
इसी आधार पर कोर्ट ने साफ कहा कि अग्रिम जमानत देना कानून के अनुरूप नहीं होगा। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि SC/ST एक्ट के तहत दर्ज मामलों में आरोपों की गंभीरता को देखते हुए विशेष सावधानी बरती जाएगी और कानून के प्रावधानों का सख्ती से पालन होगा.
इस फैसले से संकेत मिला है कि जातीय उत्पीड़न और जबरन वसूली जैसे मामलों में अदालत सख्त रुख के बावजूद अभियुक्त की विजय तंतूबाई की गिरफ्तारी नहीं होना क्षेत्र में चर्चा का विषय है.

