विश्व स्वास्थ्य दिवस पर ‘सेव द गर्ल चाइल्ड’ विषय पर सेमिनार, पीसीपीएनडीटी कानून की दी गई जानकारी
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर, 07 अप्रैल: विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर करणडीह स्थित लाल बहादुर शास्त्री मेमोरियल कॉलेज में पीसीपीएनडीटी (पूर्व गर्भाधान एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक) के तहत “सेव द गर्ल चाइल्ड” विषय पर जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल के निर्देशानुसार आयोजित हुआ, जिसका उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या पर रोक और गिरते लिंगानुपात को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज के प्राचार्य अशोक कुमार झा ने अतिथियों के स्वागत के साथ की। उन्होंने बताया कि प्रसव पूर्व लिंग जांच करना कानूनन अपराध है, जिसके तहत दोषी पाए जाने पर जेल या जुर्माना या दोनों सजा का प्रावधान है।
जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ. रंजीत कुमार पांडा ने पीसीपीएनडीटी कानून की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि यह कानून देश में कन्या भ्रूण हत्या को रोकने और लिंगानुपात सुधारने के उद्देश्य से लागू किया गया है। इसके तहत गर्भ में लिंग जांच पूर्णतः प्रतिबंधित है।
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. कमलेश कुमार प्रसाद ने बताया कि अल्ट्रासाउंड या अन्य तकनीकों से लिंग जांच करना दंडनीय अपराध है और सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों के लिए “फॉर्म-एफ” जमा करना अनिवार्य है।
सेमिनार में एचपीवी वैक्सीन को लेकर भी जानकारी दी गई। डॉ. पांडा ने कहा कि यह वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से बचाव का प्रभावी माध्यम है, जो बीमारी होने से पहले सुरक्षा प्रदान करता है। वहीं डीईआईसी सोशल वर्कर नमृता ठाकुर ने बताया कि वैक्सीन सुरक्षित है और इसके दुष्प्रभाव हल्के एवं अस्थायी होते हैं। उन्होंने टीकाकरण के बाद कुछ समय विश्राम करने और भारी व्यायाम से बचने की सलाह दी।
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्राचार्य अशोक कुमार झा, डीपीएम कोऑर्डिनेटर छविधर कुमार, नमृता ठाकुर एवं कॉलेज के कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

