राखा कॉपर क्षेत्र में मजदूर की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप, सुरक्षा व्यवस्था पर भाजपा ने उठाए सवाल
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा के राखा कॉपर क्षेत्र स्थित जियाडा की जमीन पर लगातार फैक्ट्रियों के खुलने और धड़ल्ले से चल रहे औद्योगिक कार्यों के बीच मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शुक्रवार देर रात एथेनॉल कंपनी में कार्यरत 30 वर्षीय ठेका मजदूर सुनील कुमार की संदिग्ध मौत के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा रुख अपनाया है। भाजपा के जिला उपाध्यक्ष मनोज प्रताप सिंह ने उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए कंपनी प्रबंधन पर बाहरी मजदूरों की सुरक्षा में घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बाहर राज्यों से हजारों की संख्या में ठेका कर्मी यहां काम करने आ रहे हैं, लेकिन उनके रहने, सुरक्षा और निगरानी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। क्षेत्र में आए दिन मजदूरों के बीच झगड़े और शराबखोरी की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिस पर पहले भी प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया गया था। मनोज प्रताप सिंह ने मृतक के परिवार को कंपनी की ओर से उचित मुआवजा देने की मांग करते हुए कहा कि इससे पीड़ित परिवार का भरण-पोषण संभव हो सकेगा। वहीं विधायक सोमेश सोरेन द्वारा पूर्व में कंपनी प्रबंधन को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़ी फटकार लगाए जाने का भी उल्लेख किया गया। भाजपा नेता विक्रम सिंह ने भी बाहरी मजदूरों की जांच-पड़ताल, बढ़ते अपराध और श्रम कानूनों के कथित उल्लंघन को लेकर चिंता जताई है। साथ ही जियाडा द्वारा आवंटित जमीन से अधिक भूमि कब्जाने और फैक्ट्री के बाहर झोपड़ियां बसाए जाने की जांच की मांग करते हुए मजदूरों को कंपनी परिसर के अंदर सुरक्षित आवास देने की बात कही है। इधर पुलिस ने मृतक ठेका कर्मी के शव का पोस्टमार्टम कर उसे उसके भाई जितेंद्र यादव को सौंप दिया है, जो शव को पैतृक गांव लखीमपुर (उत्तर प्रदेश) ले गए हैं। मामले की जांच पुलिस द्वारा जारी है।
