पोटका में ग्राम सभा की अनदेखी का आरोप, धार्मिक ट्रस्ट व निर्माण कार्य को लेकर डीसी कार्यालय पर ग्रामीणों का प्रदर्शन
राष्ट्र संवाद संवाददाता
पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड से ग्राम स्वशासन से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्राम सभा की जानकारी और अनुमति के बिना ही धार्मिक ट्रस्ट का गठन व पंजीकरण कराया गया, साथ ही मंदिर परिसर व उसके आसपास की भूमि पर भवन निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। इन आरोपों को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की भूमि, मंदिर परिसर और सार्वजनिक संसाधनों से जुड़े अहम फैसले कुछ चुनिंदा लोगों द्वारा एकतरफा तरीके से लिए जा रहे हैं, जबकि इन मामलों में ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य है। उन्होंने इसे पेसा अधिनियम और स्थानीय स्वशासन के नियमों का खुला उल्लंघन बताया। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सार्वजनिक राशि के दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। बिना ग्राम सभा की अनुमति के चल रहे निर्माण कार्य से गांव में असंतोष और तनाव का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से धार्मिक ट्रस्ट के गठन और पंजीकरण की गहन जांच, मंदिर परिसर में हो रहे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच, तथा ग्राम सभा की अनुमति के बिना लिए गए सभी निर्णयों की समीक्षा कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही भविष्य में गांव से जुड़े प्रत्येक महत्वपूर्ण निर्णय में ग्राम सभा की अनिवार्य सहमति सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।

