Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » पेसा कानून की नियमावली पर चंपाई सोरेन के गंभीर सवाल, बोले— ग्राम सभा को कमजोर करने वाला कानून
    Breaking News Headlines कारोबार खबरें राज्य से चाईबासा जमशेदपुर झारखंड राजनीति सरायकेला-खरसावां हजारीबाग

    पेसा कानून की नियमावली पर चंपाई सोरेन के गंभीर सवाल, बोले— ग्राम सभा को कमजोर करने वाला कानून

    dhiraj KumarBy dhiraj KumarJanuary 3, 2026No Comments1 Min Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    पेसा कानून की नियमावली पर चंपाई सोरेन के गंभीर सवाल, बोले— ग्राम सभा को कमजोर करने वाला कानून

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    जमशेदपुर।पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने पेसा कानून को लेकर राज्य सरकार द्वारा बनाई गई नियमावली पर कड़ा सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कानून ग्राम सभा को सशक्त करने के बजाय कमजोर करता है और पंचायत को ठगने वाला साबित हो रहा है।

    चंपाई सोरेन ने कहा कि वर्ष 1996 से पेसा कानून को लेकर आंदोलन होते रहे हैं, लेकिन झारखंड में जिस तरीके से इसे लागू किया गया है, उससे आदिवासी समाज को ठगा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कानून आधा-अधूरा है और आदिवासी समाज की पारंपरिक व्यवस्थाओं की अनदेखी करता है।

    उन्होंने सवाल किया कि इससे शेड्यूल एरिया में रहने वाले आदिवासियों को वास्तविक लाभ क्या मिलेगा। साथ ही कहा कि पेसा के नाम पर आदिवासियों के साथ खिलवाड़ किया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पहले आदिवासियों को फोर्थ शेड्यूल में रखा जाए, फिर पेसा कानून को सही तरीके से लागू किया जाए। उन्होंने इस मुद्दे को राज्यभर में ले जाकर व्यापक चर्चा और विरोध की बात भी कही।

    पेसा कानून की नियमावली पर चंपाई सोरेन के गंभीर सवाल बोले— ग्राम सभा को कमजोर करने वाला कानून
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleसड़क दुर्घटना में घायल जवानों को समय पर इलाज नहीं मिलने से जादूगोड़ा सीटीसी में हंगामा
    Next Article 13–14 जनवरी को होने वाले दोमुहानी संगम महोत्सव–2026 की संचालन समिति की बैठक संपन्न

    Related Posts

    मानसून सत्र छोटा लेकिन महत्वपूर्ण: रवींद्र नाथ महतो ने की सकारात्मक बहस की अपील

    August 6, 2026

    आजसू का राज्यस्तरीय युवा अधिवेशन आज से, जमशेदपुर में जुटेंगे हजारों युवा

    August 6, 2026

    आजसू का राज्यस्तरीय युवा अधिवेशन: जमशेदपुर में हजारों युवाओं का जमावड़ा, सुदेश महतो करेंगे उद्घाटन

    August 6, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    मानसून सत्र छोटा लेकिन महत्वपूर्ण: रवींद्र नाथ महतो ने की सकारात्मक बहस की अपील

    आजसू का राज्यस्तरीय युवा अधिवेशन आज से, जमशेदपुर में जुटेंगे हजारों युवा

    आजसू का राज्यस्तरीय युवा अधिवेशन: जमशेदपुर में हजारों युवाओं का जमावड़ा, सुदेश महतो करेंगे उद्घाटन

    मानसून सत्र छोटा लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण: रवींद्र नाथ महतो

    लोकसभा में हिरोशिमा और नागासाकी के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी गई

    बंबई उच्च न्यायालय ने 2013 के यौन उत्पीड़न मामले में तरुण तेजपाल को दोषी ठहराया

    रेल कर्मचारियों के 21 साल से बड़े बच्चों को भी मुफ्त चिकित्सा का मिलेगा लाभ, बोर्ड ने जारी किये आदेश

    यूपी में बड़ा हादसा : प्रतापगढ़ में बारिश के दौरान ढहा घर, एक ही परिवार के छह सदस्यों की मौत

    दिल्ली में झमाझम बारिश, उमस से राहत; ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी

    झारखंड में छात्रों का विरोध-प्रदर्शन तेज, मुख्यमंत्री सोरेन ने बातचीत की पेशकश की

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.