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    Home » पेसा कानून की नियमावली पर चंपाई सोरेन के गंभीर सवाल, बोले— ग्राम सभा को कमजोर करने वाला कानून
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    पेसा कानून की नियमावली पर चंपाई सोरेन के गंभीर सवाल, बोले— ग्राम सभा को कमजोर करने वाला कानून

    dhiraj KumarBy dhiraj KumarJanuary 3, 2026No Comments1 Min Read
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    पेसा कानून की नियमावली पर चंपाई सोरेन के गंभीर सवाल, बोले— ग्राम सभा को कमजोर करने वाला कानून

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    जमशेदपुर।पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने पेसा कानून को लेकर राज्य सरकार द्वारा बनाई गई नियमावली पर कड़ा सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कानून ग्राम सभा को सशक्त करने के बजाय कमजोर करता है और पंचायत को ठगने वाला साबित हो रहा है।

    चंपाई सोरेन ने कहा कि वर्ष 1996 से पेसा कानून को लेकर आंदोलन होते रहे हैं, लेकिन झारखंड में जिस तरीके से इसे लागू किया गया है, उससे आदिवासी समाज को ठगा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कानून आधा-अधूरा है और आदिवासी समाज की पारंपरिक व्यवस्थाओं की अनदेखी करता है।

    उन्होंने सवाल किया कि इससे शेड्यूल एरिया में रहने वाले आदिवासियों को वास्तविक लाभ क्या मिलेगा। साथ ही कहा कि पेसा के नाम पर आदिवासियों के साथ खिलवाड़ किया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पहले आदिवासियों को फोर्थ शेड्यूल में रखा जाए, फिर पेसा कानून को सही तरीके से लागू किया जाए। उन्होंने इस मुद्दे को राज्यभर में ले जाकर व्यापक चर्चा और विरोध की बात भी कही।

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