सीसीएल पिपरवार जीएम सुजीत कुमार व आम्रपाली चंद्रगुप्त जीएम संजीव कुमार बने
राष्ट्र संवाद संवाददाता
रांची: सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड में महाप्रबंधक स्तर के पदाधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। सीसीएल मुख्यालय द्वारा जारी नए स्थानांतरण आदेश के तहत सुजीत कुमार को पिपरवार क्षेत्र का नया महाप्रबंधक नियुक्त किया गया है। वहीं वर्तमान पिपरवार महाप्रबंधक संजीव कुमार को आम्रपाली-चंद्रगुप्त क्षेत्र का महाप्रबंधक बनाया गया है। सीसीएल मुख्यालय से जारी आदेश के अनुसार यह प्रशासनिक फेरबदल संगठनात्मक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है। पिपरवार क्षेत्र में संजीव कुमार का कार्यकाल काफी सराहनीय और उपलब्धियों से भरा रहा है। उनके कार्यकाल के दौरान अशोक परियोजना से जुड़ी कई भूमि संबंधी जटिल समस्याओं का समाधान किया गया, जिससे परियोजना के कार्यों को गति मिली। इसके साथ ही उनके नेतृत्व में अशोका विस्तारीकरण परियोजना ने भी मूर्त रूप लिया, जिसे पिपरवार क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। परियोजना से न केवल कोयला उत्पादन को बढ़ावा मिला, बल्कि क्षेत्र के लोगों के लिए रोजगार और विकास की नई संभावनाएं भी बनीं। वहीं, नए महाप्रबंधक के रूप में पदभार संभालने जा रहे संजीव कुमार व सुजीत कुमार से क्षेत्र के लोगों और कर्मचारियों को काफी उम्मीदें हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि संजीव कुमार व सुजीत कुमार अपने अनुभव और नेतृत्व क्षमता के बल पर आम्रपाली व पिपरवार क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ क्षेत्र के गौरव और विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का कार्य करेंगे। सीसीएल के इस स्थानांतरण को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसका प्रभाव आने वाले समय में पिपरवार और आम्रपाली-चंद्रगुप्त दोनों क्षेत्रों के विकास कार्यों पर देखने को मिलेगा।
आम्रपाली जीएम के लंबे कार्यकाल में सीबीआई का रेड व कई अधिकारी बने बाली का बकरा
आम्रपाली-चंद्रगुप्त परियोजना में उथल पुथल और विवादों के कारण सबसे अधिक चर्चित जीएम अमरेश कुमार 31 दिसंबर को विदा होंगे। नये साल में जश्न के साथ परियोजना और विस्थापित प्रभावित परिवारों के लिये भी नये संकल्प और उम्मीदों के साथ शुरुआत होगी। परियोजना में जीएम संजीव कुमार और आउटसोर्सिंग कंपनी एनसीसी के आपसी तालमेल और मिजाज कितना जमता है ये 2026 वर्ष के शुरुआती दिनों में हीं तय होने लगेगा। जिसमें विस्थापित प्रभावित परिवारों के हक अधिकारों और उम्मीदों का भी फैसला करेगा। दूसरी ओर, कार्य का नया बागडोर संभालने वाले एनसीसी और जीएम के सामने कुछ चापलूसों और बिचौलियों से बचने की हमेशा चुनौती बनी रहेगी। वैसे भी, जैसा गलती निवर्तमान जीएम अपने कार्यकाल में फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार का दामन थामकर जैसी गलतियां करने के कारण भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई की हुई कार्रवाई बड़ा सबक है। जबकि निवर्तमान जीएम के माथे पर सेरनदाग के ग्रामीणों का फर्जी ग्रामसभा से रेलवे लाईन के निर्माण के लिये 18 वां प्रयास भी विफल होकर मूंह के बल गिरने की विफलता और ग्रामीणों में जहर घोलने की मंशा वाला लगा कलंक उन्हें आजीवन पीछा करेगा। साथ हीं लंबे दिनों तक पीछा करेगा अभद्र व्यवहार कर रैयतों को डराना धमकाने का न्यायिक मामला, वन समेत अन्य विभागों में दर्ज और विचाराधीन लगभग आधा दर्जन मामले है। साथ ही पिओ के कार्यकाल में सीबीआई ने 83 करोड़ का कोयला घोटाला पकड़ा था। कुछ चापलूस जयकारे लगाकर फितरतों के अनुरूप करतूतों पर पर्दा डालने का प्रयास करते रहेंगे। लेकिन ये जनता है जो सब जानती है।

