आरएसएस के बारे में पूर्वाग्रहों पर राय न बनाएं: असम में युवाओं से बोले मोहन भागवत
राष्ट्र संवाद संवाददाता
गुवाहाटी, 19 नवंबर | राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने असम यात्रा के अंतिम दिन युवा नेतृत्व सम्मेलन में युवाओं से अपील की कि वे संघ के बारे में पूर्वाग्रहों और दुष्प्रचार के आधार पर राय न बनाएं।
भागवत ने कहा कि आरएसएस पर सार्वजनिक चर्चाएं बढ़ी हैं, लेकिन इनका आधार तथ्य होना चाहिए। उनका दावा था कि अंतरराष्ट्रीय मंचों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संघ को लेकर 50% से अधिक सूचनाएं गलत या अधूरी हैं। उन्होंने कुछ मीडिया संस्थानों पर जानबूझकर गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया।
भागवत ने आरएसएस के सिद्धांतों और कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संगठन का उद्देश्य समाज को संगठित कर भारत को ‘विश्वगुरु’ बनाना है। उन्होंने युवाओं से विभिन्न विकसित देशों के इतिहास का अध्ययन करने की अपील की और कहा कि उनकी प्रगति की बुनियाद समाज में एकता और गुणात्मक विकास था।
उन्होंने भारत की ताकत उसकी भाषाई, क्षेत्रीय और आस्था-आधारित विविधता को बताया और कहा कि हिंदू परंपरा विविधता का सम्मान करती है, जिसे बनाए रखना आरएसएस का मूल उद्देश्य है। भागवत ने कहा कि संघ जमीनी स्तर पर गैर-राजनीतिक सामाजिक नेतृत्व विकसित करने पर काम करता है।
संवाद सत्र में उन्होंने कहा कि सशक्त भारत बनने पर पूर्वोत्तर से जुड़ी कई चिंताएं स्वतः दूर हो जाएंगी। भागवत ने युवाओं से समय, रुचि और क्षमता के अनुसार आरएसएस की गतिविधियों से जुड़ने का आह्वान किया।

