श्रीनगर में नौगाम पुलिस स्टेशन पर भीषण धमाका, 7 की मौत, 30 से अधिक घायल
PAFF ने ली हमले की जिम्मेदारी, जांच कई एंगल पर जारी
एजेंसी
श्रीनगर, 15 नवंबर। नौगाम पुलिस स्टेशन में शुक्रवार देर रात हुए शक्तिशाली विस्फोट ने पूरे श्रीनगर को दहला दिया। रात 11:22 बजे के लगभग हुए इस धमाके में 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 30 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
धमाके की तीव्रता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि मानव अवशेष 300 फीट दूर तक बिखरे मिले, पुलिस स्टेशन की इमारत का एक बड़ा हिस्सा ढह गया और परिसर में खड़े कई वाहन जलकर खाक हो गए। घटनास्थल पर चीख-पुकार और अफरातफरी का माहौल रहा।
मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी
धमाके के तुरंत बाद पुलिस, SDRF और अग्निशमन दल राहत और बचाव कार्य में जुट गए। मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका पर भारी मशक्कत के साथ रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा। धमाके के बाद कुछ देर तक दूसरे छोटे-छोटे विस्फोट भी होते रहे, जिससे बचाव अभियान में बाधा आई।
धमाके का कारण—जांच दो मुख्य एंगल पर केंद्रित
धमाके के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने जांच तेज कर दी है। प्राथमिक जांच में दो संभावित एंगल सामने आए हैं—
1. लापरवाही का एंगल:
पुलिस स्टेशन परिसर में 360 किलो से अधिक अमोनियम नाइट्रेट सहित बड़ी मात्रा में जब्त विस्फोटक सामग्री रखी हुई थी। इन्हें मजिस्ट्रेट की निगरानी में सील किया जा रहा था। इसी प्रक्रिया के दौरान किसी चूक या रासायनिक प्रतिक्रिया से विस्फोट हुआ हो—जांच दल इस संभावना को खारिज नहीं कर रहा।
2. आतंकी साजिश का एंगल:
परिसर में खड़ी जब्त कार में IED फिट होने की आशंका जताई गई है। माना जा रहा है कि IED से हुई प्रारंभिक डिटोनेशन ने बड़े विस्फोटक भंडार को उड़ा दिया।
PAFF ने ली जिम्मेदारी
आतंकी संगठन पीपुल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट (PAFF) ने धमाके की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियाँ इस दावे की सत्यता की पुष्टि कर रही हैं। PAFF को पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क का हिस्सा माना जाता है और इससे पहले भी यह कई हमलों की जिम्मेदारी ले चुका है।
इलाके में हाई-अलर्ट, सुरक्षा कड़ी
धमाके के बाद नौगाम और आसपास के इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
पुलिस अधिकारियों ने इसे ‘गंभीर सुरक्षा चुनौती’ बताया
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने रात में ही घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक तथ्य बेहद गंभीर हैं और किसी सुनियोजित आतंकी प्लानिंग की ओर इशारा करते हैं।
पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक जांच शुरू
मृतकों के पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। फॉरेंसिक विशेषज्ञ विस्फोटक के नमूने जुटा रहे हैं ताकि यह तय किया जा सके कि धमाके में किस श्रेणी का विस्फोटक इस्तेमाल हुआ।

