गढ़चिरौली में माओवादी केंद्रीय समिति सदस्य मल्लोजुला वेणुगोपाल उर्फ भूपति ने 60 साथियों संग किया आत्मसमर्पण
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष हुआ समर्पण, भूपति पर 6 करोड़ रुपये का इनाम — नक्सल आंदोलन को लगा बड़ा झटका
राष्ट्र संवाद संवाददाता
मुंबई: गढ़चिरौली जिला पुलिस मुख्यालय में बुधवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की केंद्रीय समिति के सदस्य और पोलित ब्यूरो सदस्य मल्लोजुला वेणुगोपाल उर्फ भूपति (सोनू/अभय) ने अपने 60 नक्सली साथियों के साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष हथियार डालकर आत्मसमर्पण किया। भूपति पर विभिन्न राज्यों में कुल 6 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।
इस मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, राज्य की पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला, पुलिस महानिरीक्षक (नक्सल) संदीप पाटिल, और पुलिस महानिदेशक (विशेष कार्रवाई) शेरिंग दोरजे उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि “गढ़चिरौली जिला पिछले 40 वर्षों से माओवाद के खिलाफ संघर्ष कर रहा था और इसी कारण यह क्षेत्र विकास से वंचित रह गया। लेकिन अब सरकार की विकास और पुनर्वास नीतियों के चलते नक्सलियों की भर्ती पर रोक लगी है।”
उन्होंने यह भी बताया कि गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद समाप्त करने का लक्ष्य तय किया है। इसी दिशा में इस वर्ष 21 मई को छत्तीसगढ़ में हुई मुठभेड़ में शीर्ष नक्सली नेता नंबाला केशव राव उर्फ बसवा राजू समेत 27 नक्सली मारे गए थे।
उसके बाद भूपति को राष्ट्रीय महासचिव बनाए जाने की चर्चा थी, लेकिन सितंबर में केंद्रीय समिति ने थिप्पारी तिरुपति उर्फ देवजी को महासचिव नियुक्त किया। इसी बीच, भूपति ने शांति वार्ता का आह्वान करते हुए एक पर्चा जारी किया और हथियार त्यागने की इच्छा जताई थी।
भूपति का आत्मसमर्पण नक्सली आंदोलन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। पिछले दो दशकों में गढ़चिरौली जिले में 700 से अधिक नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, भूपति जैसे शीर्ष स्तर के नेता का आत्मसमर्पण इस आंदोलन की कमर तोड़ने वाला साबित होगा।

